जापान के रक्षा श्वेत पत्र पर भड़का उत्तर कोरिया, बताया सैन्य विस्तार का बहाना

जापान के रक्षा श्वेत पत्र पर भड़का उत्तर कोरिया, बताया सैन्य विस्तार का बहाना
उत्तर कोरिया ने मंगलवार को जापान की नवीनतम रक्षा श्वेत पत्र (डिफेंस व्हाइट पेपर) की कड़ी आलोचना करते हुए इसे देश के सैन्य विस्तार को उचित ठहराने का प्रयास बताया। साथ ही, उसने इसे जापान की "युद्ध मशीन के संचालन" के लिए कानूनी आधार तैयार करने वाला दस्तावेज करार दिया।

सोल, 11 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर कोरिया ने मंगलवार को जापान की नवीनतम रक्षा श्वेत पत्र (डिफेंस व्हाइट पेपर) की कड़ी आलोचना करते हुए इसे देश के सैन्य विस्तार को उचित ठहराने का प्रयास बताया। साथ ही, उसने इसे जापान की "युद्ध मशीन के संचालन" के लिए कानूनी आधार तैयार करने वाला दस्तावेज करार दिया।

ये बातें अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विश्लेषक कांग वॉन-चोल ने एक लेख में कही हैं, जो उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए और देश के सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले अखबार 'रोडोंग सिनमुन में प्रकाशित हुआ।

योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग ने कहा कि यह 'व्हाइट पेपर' ऐसे समय में जारी किया गया है जब 'जापान दोबारा सैन्य ताकत बढ़ाने की महत्वाकांक्षा के साथ तेजी से सैन्यीकरण की ओर बढ़ रहा है।'

उन्होंने आरोप लगाया कि जापान ने अपने 'लापरवाह' सैन्य विस्तार को जायज ठहराने के लिए 'व्हाइट पेपर' में बिना किसी आधार के उत्तर कोरिया को 'गंभीर और तत्काल खतरा' बताया है।

कांग ने कहा, "जापान ने अपने पिछले अपराधों को नकारने और सैन्य शक्ति बनने की महत्वाकांक्षा को राष्ट्रीय नीति बना लिया है। साथ ही वह अमेरिका और उसके सहयोगियों के साथ गठबंधन को लगातार मजबूत कर रहा है। ऐसे में पड़ोसी देशों से कथित खतरे का हवाला देना सच को उल्टा पेश करने जैसा है।"

उन्होंने कहा कि जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी ने 'व्हाइट पेपर' जारी होने के बाद देश की सैन्य क्षमताओं को और मजबूत करने की बात कही थी, जो टोक्यो के सैन्यीकरण की दिशा में आगे बढ़ने का एक और सबूत है।

कांग ने दावा किया, "यह साफ दिखाता है कि वह जापान को सैन्यीकरण के बेहद खतरनाक रास्ते पर कितनी तेजी से आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।"

उन्होंने कहा, "जापान चाहे अपनी आक्रामक मंशा को कितनी भी बार 'रक्षा' का नाम दे, लेकिन वह क्षेत्र में शांति को खतरे में डालने और तनाव बढ़ाने वाली अपनी असली भूमिका नहीं छिपा सकता।"

इसके बाद कांग ने उत्तर कोरिया के अपने सैन्य विस्तार का बचाव करते हुए कहा कि दूसरे देशों की कथित शत्रुतापूर्ण नीतियों को रोकने के लिए उसकी सैन्य क्षमता मजबूत करना जरूरी है।

जापान ने पिछले मंगलवार को सनाए तकाइची सरकार के तहत अपना पहला रक्षा 'व्हाइट पेपर' जारी किया था। इस दस्तावेज में सैन्य आधुनिकीकरण पर जोर दिया गया है, जिसमें ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों को सेना में शामिल करना और क्षेत्र में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोगी देशों के साथ और करीबी सहयोग बढ़ाना शामिल है।

दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि मंत्रालय उत्तर कोरिया की ओर से जापान के रक्षा श्वेत पत्र की आलोचना को ज्यादा महत्व नहीं देता, क्योंकि ऐसी प्रतिक्रिया लगभग हर साल देखने को मिलती है।

अधिकारी ने कहा, "जापान के 'ड‍िफेंस व्हाइट पेपर' की उत्तर कोरिया की ओर से आलोचना कोई नई बात नहीं है।" हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि हाल के दिनों में ऐसी आलोचनाओं की संख्या बढ़ी है, जिसमें दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के बीच बढ़ते त्रिपक्षीय सहयोग की भी उत्तर कोरिया ने तीखी आलोचना की है।

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Created On :   11 Aug 2026 2:01 PM IST

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