टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी का आरोप, 'कालीघाट सूत्र' पार्टी को बर्बाद करेंगे

टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी का आरोप, कालीघाट सूत्र पार्टी को बर्बाद करेंगे
तृणमूल कांग्रेस के चार बार के लोकसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी, जिन्हें अब तक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का करीबी माना जाता रहा है, अब पार्टी के खिलाफ बागी तेवर अपनाते नजर आ रहे हैं।

कोलकाता, 22 जुलाई (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस के चार बार के लोकसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी, जिन्हें अब तक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का करीबी माना जाता रहा है, अब पार्टी के खिलाफ बागी तेवर अपनाते नजर आ रहे हैं।

मंगलवार रात सोशल मीडिया पर किए गए एक सनसनीखेज पोस्ट में कल्याण बनर्जी ने मंगलवार दोपहर तृणमूल कांग्रेस की शहीद दिवस रैली में अपने साथ हुए व्यवहार पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि भाषण के दौरान उन्हें बार-बार टोका गया और अपमानित किया गया।

अपने सोशल मीडिया पोस्ट में चार बार के लोकसभा सांसद कल्याण बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस के एक वर्ग पर मीडिया में उनके खिलाफ लगातार भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप भी लगाया।

बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस के इस वर्ग को "कालीघाट सूत्र" बताया है। उन्होंने ऐसा इसलिए कहा, क्योंकि दक्षिण कोलकाता के कालीघाट इलाके में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का आधिकारिक आवास है और पार्टी के कई अहम फैसले वहीं से लिए जाते हैं।

बनर्जी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "ये 'कालीघाट सूत्र' पार्टी को बर्बाद कर देंगे।"

अपने पोस्ट में उन्होंने शहीद दिवस रैली में भाषण के दौरान हुई घटनाओं का विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उनके भाषण में पहली बार उस समय बाधा आई, जब पार्टी के महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी मंच पर पहुंचे।

कल्याण बनर्जी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "जब मैं भाषण दे रहा था, तभी अभिषेक बनर्जी सभा स्थल पर पहुंचे। मंच तक पहुंचने और वहां लोगों से मिलने में उन्हें करीब पांच मिनट लगे, इसलिए मुझे भी अपना भाषण पांच मिनट के लिए रोकना पड़ा। इसी तरह, दीदी (ममता बनर्जी) के आने पर भी मुझे भाषण रोकना पड़ा। इसके बाद मैंने उनसे पूछा कि क्या मैं भाषण जारी रखूं। उन्होंने 'हां' कहा, जिसके बाद मैंने अपना भाषण फिर से शुरू किया।"

उन्होंने बताया कि जब पार्टी के कई विधायक बागी हो गए और निष्कासित विधायक ऋतब्रता बनर्जी के नेतृत्व में अलग गुट बना लिया, तब भी वे ममता बनर्जी के प्रति वफादार बने रहे।

उन्होंने दावा किया कि जनता के विरोध के डर से पिछले दो महीनों में उनके अलावा पार्टी का कोई भी नेता ज़िलों के दौरे पर नहीं गया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "पिछले दो महीनों में मैंने पार्टी कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाने के लिए कई ज़िलों का दौरा किया।"

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Created On :   22 July 2026 12:35 PM IST

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