ओडिशा विजिलेंस ने करोड़ों रुपए के गबन मामले में बैंक अधिकारी को किया गिरफ्तार

ओडिशा विजिलेंस ने करोड़ों रुपए के गबन मामले में बैंक अधिकारी को किया गिरफ्तार
ओडिशा सतर्कता विभाग ने बुधवार को एक निजी बैंक के अधिकारी को अपने सेवानिवृत्त शिक्षक पिता के साथ मिलीभगत करके सरकारी निधि से 5.56 करोड़ रुपए से अधिक के गबन में कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया।

भुवनेश्वर, 18 मार्च (आईएएनएस)। ओडिशा सतर्कता विभाग ने बुधवार को एक निजी बैंक के अधिकारी को अपने सेवानिवृत्त शिक्षक पिता के साथ मिलीभगत करके सरकारी निधि से 5.56 करोड़ रुपए से अधिक के गबन में कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया।

सतर्कता विभाग के सूत्रों के मुताबिक, आरोपी बैंक अधिकारी की पहचान मातृप्रसाद मोहंती के रूप में हुई है। वह भद्रक में जना स्मॉल फाइनेंस बैंक का शाखा प्रमुख था।

यह धोखाधड़ी जाजपुर जिले के कोरेई स्थित ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) के कार्यालय में की गई, जिसके परिणामस्वरूप कुल 5,56,11,495 रुपए का नुकसान हुआ।

विजिलेंस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "ओडिशा विजिलेंस की जांच में पता चला कि आरोपी मातृप्रसाद और उसके पिता प्रदीप कुमार मोहंती के बीच एक सोची-समझी मिलीभगत थी। प्रदीप कुमार एक रिटायर्ड हेडमास्टर हैं, जिन्हें बीईओ दफ्तर में दोबारा काम पर रखा गया था।"

मुख्य आरोपी प्रदीप कुमार ने बीईओ कार्यालय में अपनी पुनः नियुक्ति के दौरान कथित तौर पर 'ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम'(एचआरएमएस) में बिना इजाजत के घुसपैठ की और 13 रिटायर्ड शिक्षकों (पेंशनभोगियों) की आईडी को निशाना बनाया।

सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर करके इन रिटायर्ड कर्मचारियों को अभी भी सेवा में 'सक्रिय' दिखाकर, उसने उनके नाम पर हर महीने पेंशन बिल बनाए और उन्हें प्रोसेस किया।

लंबे समय तक इस धोखाधड़ी वाले तरीके का इस्तेमाल करके, उसने फंड का गबन किया और पैसे को कई लेन-देन के जरिए इधर-उधर किया। आखिर में, यह पैसा उसके और उसके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में डाल दिया गया।

ये खाते 'भारतीय स्टेट बैंक' (एसबीआई) की अलग-अलग ब्रांचों में थे, ताकि पैसे के आने-जाने का कोई सुराग न मिले। यह धोखाधड़ी नवंबर 2018 से सितंबर 2024 तक लगभग छह साल तक चली।

सतर्कता विभाग के सूत्रों ने बताया कि धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने इसे ओडिशा सतर्कता विभाग को सौंप दिया। इसके बाद, ओडिशा सतर्कता विभाग ने जांच शुरू की और बुधवार को मातृप्रसाद को गिरफ्तार कर लिया।

जांच के दौरान जांचकर्ताओं ने यह भी पता लगाया कि धोखाधड़ी से प्राप्त राशि का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मातृप्रसाद के खाते में स्थानांतरित किया गया था। पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रदीप कुमार को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।

भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कटक सतर्कता पुलिस स्टेशन में मामला (11/26) दर्ज किया गया है।

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Created On :   18 March 2026 11:54 PM IST

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