सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामला ईडी और सतर्कता जांच की आगे की कार्रवाई रोकने के लिए केरल हाईकोर्ट पहुंचे पिनराई विजयन

सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामला ईडी और सतर्कता जांच की आगे की कार्रवाई रोकने के लिए केरल हाईकोर्ट पहुंचे पिनराई विजयन
केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मासिक भुगतान मामले में सतर्कता जांच के खिलाफ केरल हाईकोर्ट में अपील दायर की है। इसके साथ ही उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की आगे की कार्रवाई पर रोक लगाने की भी तैयारी की है।

तिरुवनंतपुरम, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मासिक भुगतान मामले में सतर्कता जांच के खिलाफ केरल हाईकोर्ट में अपील दायर की है। इसके साथ ही उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की आगे की कार्रवाई पर रोक लगाने की भी तैयारी की है।

विजयन ने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश को केरल हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया है, जिसमें सतर्कता जांच पर रोक लगाई गई है। वह अपनी अपील को जल्द से जल्द, संभवत: शनिवार तक, हाईकोर्ट की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध कराने की तैयारी कर रहे हैं।

एकल पीठ के आदेश के खिलाफ पहले दायर उनकी याचिका को नया नंबर दिए जाने और खंडपीठ के समक्ष पेश किए जाने की संभावना है। कानूनी रणनीति के तहत ईडी को भी अपील पर फैसला आने तक आगे की कार्रवाई करने से रोकने के लिए अलग से रिट याचिका दायर करने पर विचार किया जा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, यदि ईडी नए समन जारी करती है या कोई अन्य कार्रवाई शुरू करती है, तो विजयन, उनके दामाद और माकपा नेता मोहम्मद रियास तथा उनकी बेटी टी. वीणा हाईकोर्ट का रुख करने पर विचार कर सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, विजयन के शुक्रवार को ईडी के समक्ष पेश होने की संभावना नहीं है।

विजयन की कानूनी टीम अपील पर बहस के लिए वरिष्ठ अधिवक्ताओं को तैयार कर रही है। टीम को सुप्रीम कोर्ट के आदेश में की गई उन टिप्पणियों से उम्मीद है, जिनके आधार पर उसके आकलन में हाईकोर्ट में चुनौती देने की गुंजाइश बनी हुई है। खंडपीठ से मामले में आगे की सभी कार्यवाहियों, जिसमें ईडी की जांच भी शामिल है, पर अपील का फैसला आने तक रोक लगाने की मांग की जाएगी। इस तरह, कानूनी लड़ाई का तत्काल केंद्र यह होगा कि क्या हाईकोर्ट अपील लंबित रहने के दौरान ईडी को आगे के कदम उठाने से रोक सकता है। हालांकि, ईडी का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश में उसे जांच जारी रखने से नहीं रोका गया है।

एजेंसी का आकलन है कि शीर्ष अदालत ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 66(2) के तहत पिनराई विजयन के खिलाफ सूचना साझा करने संबंधी उसकी कार्रवाई को अमान्य नहीं ठहराया है। ईडी का यह भी कहना है कि मामले में साक्ष्य अभी उपलब्ध हैं और प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) की कानूनी वैधता पर सवाल नहीं उठाया गया है।

गुरुवार को कोच्चि स्थित ईडी कार्यालय में विशेष निदेशक की निगरानी में मामले की प्रगति की समीक्षा की गई। एजेंसी हाईकोर्ट में विजयन की अपील का मजबूती से विरोध करने की तैयारी कर रही है। आगामी सुनवाई में यह तय हो सकता है कि हाईकोर्ट के फैसले तक ईडी अपनी जांच और अन्य कार्यवाही जारी रख सकेगी या आगे की कार्रवाई पर रोक लगाई जाएगी।

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Created On :   22 Oct 2026 3:36 PM IST

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