पीयूष गोयल ने एमपी लीड फेलो को नवाचार अपनाने और विकसित भारत में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया

पीयूष गोयल ने एमपी लीड फेलो को नवाचार अपनाने और विकसित भारत में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को एमपी लीड फेलो के साथ बातचीत करने और भारत की प्रगति के प्रति उनके दूरदर्शी विचारों, आकांक्षाओं और प्रतिबद्धता को सुनने की सराहना की।

नई दिल्ली, 9 जुलाई (आईएएनएस)। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को एमपी लीड फेलो के साथ बातचीत करने और भारत की प्रगति के प्रति उनके दूरदर्शी विचारों, आकांक्षाओं और प्रतिबद्धता को सुनने की सराहना की।

एक्स पर एक पोस्ट में गोयल ने कहा कि उन्होंने विकसित भारत 2047 की परिवर्तनकारी यात्रा, राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका और सार्वजनिक नीति को आकार देने में जागरूक भागीदारी के महत्व पर चर्चा की।

मंत्री ने कहा कि बातचीत में नवाचार, उद्यमिता, रोजगार सृजन और समावेशी आर्थिक विकास को गति देने में एमएसएमई के महत्वपूर्ण योगदान पर भी प्रकाश डाला गया।

गोयल ने फेलो को नवाचार, सार्थक सार्वजनिक सेवा अपनाने और राष्ट्र के विकास की यात्रा में सक्रिय भागीदार बनने के लिए भी प्रोत्साहित किया।

उन्होंने आगे कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसके युवाओं में निहित है, और मुझे विश्वास है कि वे भारत के उज्ज्वल भविष्य को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

बुधवार को गोयल ने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के नेतृत्व के साथ हुई बैठक के बाद कहा कि आईसीएआई के साथ सहयोग को मजबूत करना भारत की आर्थिक वृद्धि को गति देने और वैश्विक व्यापार महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

बैठक में सरकार और लेखा पेशे के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया ताकि व्यापार और निवेश को सुगम बनाया जा सके और वैश्विक बाजार में भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाया जा सके। गोयल ने कहा कि बैठक में उभरते वैश्विक अवसरों का लाभ उठाने में व्यवसायों की सहायता करने में लेखा पेशे की बदलती भूमिका पर भी विचार किया गया।

उन्होंने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट बदलते अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश परिदृश्यों के अनुकूल होने में उद्यमों की मदद करके महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

मंत्री ने आगे कहा कि दोनों पक्षों ने मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तंत्र में संस्थागत भागीदारी बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आईसीएआई जैसे पेशेवर संस्थानों की अधिक भागीदारी से व्यवसायों को भारत के व्यापार समझौतों के बढ़ते नेटवर्क से उत्पन्न अवसरों को बेहतर ढंग से समझने और उनका लाभ उठाने में मदद मिल सकती है।

गोयल ने बताया कि हमने व्यापार और निवेश को सुगम बनाने में लेखांकन पेशे की विकसित होती भूमिका, मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तंत्र में संस्थागत भागीदारी बढ़ाने और उभरते वैश्विक अवसरों का लाभ उठाने में व्यवसायों का समर्थन करने पर भी विचार-विमर्श किया।

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Created On :   10 July 2026 12:06 AM IST

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