कर्नाटक ने एलपीजी की कमी का मुद्दा उठाया, प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री की बैठक में अधिक आवंटन की मांग
बेंगलुरु, 27 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों की बैठक के दौरान कर्नाटक ने शुक्रवार को कमर्शियल उपयोग, विशेष रूप से हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए एलपीजी के अधिक आवंटन की मांग रखी।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच कोविड जैसी तालमेल की अपील की।
कर्नाटक के खाद्य मंत्री केएच मुनियप्पा ने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया की गैर-मौजूदगी में इस वर्चुअल बैठक में राज्य का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने कहा कि राज्य ने केंद्र से होटलों के लिए एलपीजी का आवंटन मौजूदा स्तर से बढ़ाने का आग्रह किया है।
मुनियप्पा ने कहा, "वर्तमान आवंटन में लगभग 20 प्रतिशत वाणिज्यिक उपयोग के लिए है, जबकि अन्य 20 प्रतिशत उद्योगों के लिए आवंटित किया गया है, जिन्हें श्रम-प्रधान प्रकृति के कारण प्राथमिकता दी जा रही है। हमने होटलों के लिए आवंटन बढ़ाकर 40 प्रतिशत करने का अनुरोध किया है। इससे हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की स्थिति में सुधार लाने में मदद मिलेगी।"
उन्होंने कहा कि कर्नाटक सरकार ने ऊर्जा आत्मनिर्भरता हासिल करने पर विशेष जोर देते हुए प्रधानमंत्री के समक्ष कई मांगें और सुझाव रखे हैं। राज्य ने आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने के लिए मैदानी और पहाड़ी दोनों क्षेत्रों में सौर ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा, "हमने सौर ऊर्जा विकास को अधिक महत्व देने का सुझाव दिया। प्रधानमंत्री ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।"
उन्होंने बताया कि चर्चाओं में आने वाले वर्षों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में व्यापक प्रयास के तहत बायोगैस, सौर ऊर्जा और जलविद्युत ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ाने पर भी विचार किया गया।
उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर आगे चर्चा करने के लिए अगले सोमवार को संबंधित पक्षों (स्टेकहोल्डर्स) के साथ एक फॉलो-अप बैठक आयोजित की जाएगी।
प्रधानमंत्री द्वारा मुख्यमंत्रियों के साथ बुलाई गई बैठक में भाग लेने के बाद मुनियप्पा मीडिया से बात कर रहे थे। मुख्यमंत्री सिद्दारमैया एक व्यस्त कार्यक्रम के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सके।
मुनियप्पा ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमसे कहा कि हम उसी तरह काम करें जैसा हमने कोविड महामारी के दौरान किया था, यानी केंद्र और राज्यों के बीच आपसी तालमेल के साथ। मौजूदा हालात में, हम सभी स्थितियों को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं, और राज्यों को इसमें सहयोग करना चाहिए।"
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Created On :   27 March 2026 11:58 PM IST












