केरल पीपी दिव्या ने पार्टी की कार्रवाई पर पुनर्विचार की मांग की, सीपीआई (एम) केंद्रीय नेतृत्व को पत्र लिखा

तिरुवनंतपुरम, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। कन्नूर जिला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष पीपी दिव्या ने सीपीआई (एम) के केंद्रीय नेतृत्व से संपर्क कर अपने खिलाफ की गई पार्टी की कार्रवाई की समीक्षा करने की मांग की है। स्थानीय निकाय में अपने कार्यकाल को लेकर वह नई जांच के दायरे में हैं।
दिव्या ने अपने पत्र में डेमोक्रेटिक विमेंस एसोसिएशन में पदाधिकारी पद से हटाए जाने पर सवाल उठाया है और कहा है कि राज्य संयुक्त सचिव पद से हटाए जाने के बाद उन्हें पार्टी के कन्नूर जिला केंद्र में काम करने की अनुमति भी नहीं दी जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिला सचिव पीके श्यामला (सीपीआईएम राज्य सचिव एमवी गोविंदन की पत्नी) ने उन्हें जिला केंद्र में काम करने से रोक दिया है और इन सभी फैसलों पर पुनर्विचार की मांग की है।
सीपीआई (एम) के महासचिव एमए बेबी ने पत्र मिलने की पुष्टि की और कहा कि इस मामले पर चर्चा की जा सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने दिव्या से फोन पर बात की थी। यह पत्र कन्नूर जिला समिति की विस्तारित बैठक से ठीक पहले भेजा गया था।
अक्टूबर 2024 में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट के. नवीन बाबू की मृत्यु के बाद से दिव्या सुर्खियों में हैं। इस घटना के बाद उन्हें कन्नूर जिला समिति से हटाकर इरिनावे शाखा में भेज दिया गया था।
इस साल मई में वीडी सतीशन के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार के सत्ता में आने के बाद से दिव्या के लिए हालात और भी मुश्किल हो गए हैं। सरकार ने नवीन बाबू की मौत की सीबीआई जांच की घोषणा की।
शुक्रवार को गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने कहा कि रिकॉर्ड की जांच के बाद सरकार ने फैसला किया है कि 2020 से 2025 तक कन्नूर जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में दिव्या के कार्यकाल के दौरान उनके लेन-देन की सतर्कता जांच आवश्यक है।
यह जांच कार्यों के आवंटन और एक निजी कंपनी की भूमिका से संबंधित आरोपों से जुड़ी है, जिसके प्रबंध निदेशक पर कुछ ठेकों से लाभ उठाने का आरोप है।
शनिवार को निदेशक ने प्रस्तावित सतर्कता जांच का स्वागत किया। उन्होंने कहा, “पहले भी जांच हुई थी और हम बेदाग साबित हुए थे। अब एक और जांच की घोषणा की गई है और हम इसका भी स्वागत करते हैं। सभी काम ई-टेंडर के माध्यम से दिए गए थे और हमें चिंता करने की कोई बात नहीं है।”
नए जांच से दिव्या पर दबाव और बढ़ गया है, जिन्हें नवीन बाबू प्रकरण के बाद पहले ही राजनीतिक झटका लग चुका है। सीपीआई (एम) के केंद्रीय नेतृत्व से उनकी अपील अब पार्टी में उनकी स्थिति के सवाल को फिर से उठाने की कोशिश कर रही है।
बाबू के असामयिक निधन तक कन्नूर में दिव्या पार्टी में काफी प्रभावशाली थीं, जिसके बाद हालात बिगड़ गए।
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