सचिन पिलगांवकर ने बताया पारिवारिक फिल्मों से क्यों है खास लगाव

सचिन पिलगांवकर ने बताया पारिवारिक फिल्मों से क्यों है खास लगाव
अनुभवी अभिनेता सचिन पिलगांवकर, जिन्हें अपनी हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'कापूसकोंडा’ के लिए काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है, ने बताया कि उन्हें पारिवारिक मनोरंजन वाली फिल्में क्यों पसंद हैं।

मुंबई, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। अनुभवी अभिनेता सचिन पिलगांवकर, जिन्हें अपनी हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'कापूसकोंडा’ के लिए काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है, ने बताया कि उन्हें पारिवारिक मनोरंजन वाली फिल्में क्यों पसंद हैं।

अभिनेता ने कहा कि उन्हें पारिवारिक मनोरंजन वाली फिल्में बहुत पसंद हैं, क्योंकि इनमें ऐसी यादें बनाने की क्षमता होती है जिनसे कई पीढ़ियां जुड़ सकती हैं।

'कापूसकोंडा' हास्य, भावनाओं और साथ रहने के महत्व पर आधारित एक प्यारे संदेश से भरी है। आज के दौर में जब फिल्मों में क्राइम थ्रिलर, रहस्य और गंभीर ड्रामा का बोलबाला है, 'कापूसकोंडा' एक सुखद बदलाव लेकर आती है। अपनापन, हास्य और पारिवारिक मूल्यों से जुड़ी यह फिल्म ऐसी कहानी पेश करती है, जो अलग-अलग पीढ़ियों के दर्शकों को एक साथ जोड़ती है।

फिल्म के बारे में बात करते हुए सचिन पिलगांवकर ने कहा, "मुझे हमेशा ऐसी कहानियों का हिस्सा बनने में खुशी मिलती है, जो लोगों के चेहरों पर मुस्कान ला सकें। आजकल हम बहुत सारी थ्रिलर और गंभीर विषयों वाली फिल्में देखते हैं। हालांकि, हर तरह की फिल्मों का अपना महत्व है, लेकिन मुझे लगता है कि ऐसी फिल्मों में कुछ खास बात होती है, जिनका आनंद पूरा परिवार एक साथ बैठकर ले सकता है। मैंने हमेशा एक ऐसे कलाकार के रूप में काम करने की कोशिश की है, जो दिल को छू लेने वाली कहानियों के जरिए लोगों का दिल जीत सके। इतने वर्षों के बाद भी, दर्शकों का प्यार और स्नेह ही मेरे लिए सबसे ज्यादा मायने रखता है।"

उन्होंने आगे कहा, "'कापूसकोंडा' में हास्य, अपनापन, भावनाएं और सबसे बढ़कर, बहुत सारा दिल है। यह एक ऐसे रिश्ते के बारे में है जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी। मुझे हमेशा से पारिवारिक फिल्में पसंद रही हैं, क्योंकि ये ऐसी यादें बनाती हैं, जिन्हें कई पीढ़ियां आपस में साझा कर सकती हैं। मुझे उम्मीद है कि दर्शक इस फिल्म को भी उतना ही प्यार देंगे, जितना उन्होंने मेरे पूरे सफर के दौरान मुझे दिया है।"

'कापूसकोंडा' में वे एक ऐसे रिटायर्ड पोस्टमैन का किरदार निभा रहे हैं, जिन्हें कुत्तों से बहुत ज्यादा डर लगता है। उनके शांत पारिवारिक जीवन में तब उथल-पुथल मच जाती है, जब अचानक एक कुत्ता उनके घर में आ जाता है। वे साफ कह देते हैं कि या तो कुत्ता रहेगा या वे रहेंगे, लेकिन हालात उन्हें उसी जीव के साथ रहने पर मजबूर कर देते हैं, जिससे वे सबसे ज्यादा डरते हैं।

अपने इस प्यारे दोस्त और सह-कलाकार के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, "मुझे हमेशा से जानवरों से प्यार रहा है, और मेरा कुत्ता 'जैक' मेरे दिल के बहुत करीब है। वह हमारे परिवार का हिस्सा है, इसलिए इस फिल्म में एक कुत्ते के साथ काम करना मेरे लिए एक बहुत ही खास और अनोखा अनुभव रहा। दिलचस्प बात यह है कि फिल्म में मेरा किरदार कुत्तों से बहुत डरता है, जबकि असल जिंदगी में मुझे कुत्ते बहुत पसंद हैं।

अपने इस चार पैरों वाले सह-कलाकार के साथ शूटिंग करने में मुझे बहुत मजा आया। कुत्तों के साथ हमारा जो रिश्ता होता है, वह बहुत खूबसूरत होता है। वे हमें जो प्यार, भरोसा और साथ देते हैं, वह पूरी तरह से नि:स्वार्थ होता है। मुझे लगता है कि जिन लोगों के पास कुत्ता है, वे अच्छी तरह समझ सकते हैं कि मैं क्या कह रहा हूं।"

बता दें कि 'कापूसकोंडा' को सचिन एस. एस. मोहिते ने लिखा और निर्देशित किया है। इसे पैनोरमा स्टूडियोज का सहयोग प्राप्त है, और इसका निर्माण स्टोरीवाला फिल्म ने वी. पी. मौली ग्रुप के साथ मिलकर किया है।

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