'आईएनएस तारागिरी' युद्धपोत के निर्माण में सेल का बड़ा योगदान; की 4,000 टन स्टील प्लेट्स की सप्लाई

आईएनएस तारागिरी युद्धपोत के निर्माण में सेल का बड़ा योगदान; की 4,000 टन स्टील प्लेट्स की सप्लाई
सरकारी 'महारत्न' कंपनी सेल यानी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसएआईएल) ने 'आईएनएस तारागिरी' के निर्माण में अहम भूमिका निभाई है। यह प्रोजेक्ट 17ए के तहत बनाई गई चौथी स्टेल्थ फ्रिगेट है, जिसे हाल ही में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया है।

नई दिल्ली, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। सरकारी 'महारत्न' कंपनी सेल यानी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसएआईएल) ने 'आईएनएस तारागिरी' के निर्माण में अहम भूमिका निभाई है। यह प्रोजेक्ट 17ए के तहत बनाई गई चौथी स्टेल्थ फ्रिगेट है, जिसे हाल ही में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया है।

6,670 टन वजनी इस युद्धपोत को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में विशाखापट्टनम में कमीशन किया गया।

इस जहाज को नौसेना के वारशिप डिजाइन ब्यूरो ने डिजाइन किया है और मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड ने इसका निर्माण किया है। यह मल्टी-रोल ऑपरेशन के लिए तैयार है और इसमें एडवांस स्टेल्थ तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।

सेल के अनुसार, इस युद्धपोत के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली करीब 4,000 टन विशेष ग्रेड की स्टील प्लेट्स की पूरी सप्लाई कंपनी ने की है।

यह स्टील सेल के बोकारो, भिलाई और राउरकेला प्लांट्स में तैयार की गई, जो कंपनी की हाई-एंड डिफेंस ग्रेड मटेरियल बनाने की क्षमता को दिखाता है।

'आईएनएस तारागिरी' में 75 प्रतिशत से ज्यादा स्वदेशी (इंडिजिनस) सामग्री का इस्तेमाल हुआ है। इसमें रडार, सोनार और मिसाइल सिस्टम जैसे एडवांस फीचर्स शामिल हैं, जिनमें ब्रह्मोस मिसाइल और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें भी शामिल हैं, जिससे इसकी लड़ाकू और समुद्री सुरक्षा क्षमता बढ़ जाती है।

कमीशनिंग के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे भारत की बढ़ती तकनीकी ताकत और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का प्रतीक बताया।

उन्होंने कहा कि भारत का ज्यादातर व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा समुद्री रास्तों पर निर्भर है, इसलिए मजबूत नौसेना क्षमता बेहद जरूरी है।

यह युद्धपोत लंबे समय तक समुद्र में तेज गति से संचालन कर सकता है और हाई-इंटेंसिटी कॉम्बैट, एंटी-पायरेसी ऑपरेशन, तटीय निगरानी और मानवीय सहायता जैसे कई मिशनों को अंजाम दे सकता है।

सेल ने इससे पहले भी आईएनएस विक्रांत और प्रोजेक्ट 17ए के अन्य जहाजों के लिए विशेष स्टील की सप्लाई की है।

आईएनएस तारागिरी का कमीशन होना भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और समुद्री ताकत को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

इस बीच, गुरुवार को एनएसई पर सेल के शेयर करीब 1 प्रतिशत गिरकर 154.40 रुपए पर बंद हुए। कंपनी के 52-हफ्ते का उच्चतम स्तर 168.21 रुपए और निम्नतम स्तर 101.13 रुपए है। वहीं कंपनी का मार्केट कैप 64.07 हजार करोड़ रुपए है।

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Created On :   4 April 2026 8:12 PM IST

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