संचार साथी पोर्टल की बड़ी सफलता, जुलाई में 77,692 खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद सरकार
नई दिल्ली, 28 अगस्त (आईएएनएस)। दूरसंचार विभाग (डीओटी) की प्रमुख नागरिक-केंद्रित पहल 'संचार साथी' ने जुलाई 2026 में रिकॉर्ड प्रदर्शन करते हुए 77,692 खोए या चोरी हुए मोबाइल हैंडसेट बरामद करने में मदद की है। संचार मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि यह पहली बार है जब इस मंच के जरिए एक ही महीने में बरामद किए गए मोबाइल फोनों की संख्या 75,000 के आंकड़े को पार कर गई है।
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि यह संचार साथी मंच के प्रति बढ़ते जनविश्वास और दूरसंचार विभाग, टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं तथा विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों की पुलिस के बीच मजबूत समन्वय का परिणाम है।
मंत्रालय के बयान के अनुसार, दूरसंचार विभाग हितधारकों से लगातार फीडबैक लेकर इस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर काम कर रहा है, ताकि खोए या चोरी हुए मोबाइल उपकरणों की बरामदगी और बढ़ाई जा सके।
इस सफलता में डीओटी की डिजिटल इंटेलिजेंस यूनिट और उसके क्षेत्रीय कार्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इन इकाइयों ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर मोबाइल उपकरणों का पता लगाने और उन्हें उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने का काम किया। आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025 से जुलाई 2026 के बीच मासिक मोबाइल बरामदगी में 201 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
सिस्टम को अधिक पारदर्शी और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने के लिए कई नए सुधार भी किए गए हैं। अब नागरिकों को मोबाइल ट्रेसिंग रिपोर्ट के साथ संबंधित पुलिस स्टेशन की जानकारी एसएमएस, ईमेल और पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाती है।
इसके अलावा, चोरी या खोए हुए मोबाइल में किसी नए सिम कार्ड के उपयोग की जानकारी भी पुलिस को उपलब्ध कराई जाती है, जिससे डिवाइस को ट्रैक करने और बरामद करने की संभावना बढ़ जाती है। कई मामलों में वैकल्पिक मोबाइल नंबरों की जानकारी भी जांच एजेंसियों के साथ साझा की जाती है।
मंत्रालय ने बताया कि मोबाइल बरामद होने के बाद उपयोगकर्ताओं को एसएमएस के माध्यम से यह सलाह भी दी जाती है कि वे डिवाइस का फैक्ट्री रीसेट कर लें, ताकि किसी संभावित मैलवेयर या अनधिकृत सॉफ्टवेयर से सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
संचार साथी पोर्टल पर कोई भी नागरिक अपने खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन की जानकारी सरल प्रक्रिया के माध्यम से दर्ज करा सकता है। यह सुविधा वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप दोनों पर उपलब्ध है। शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित मोबाइल को भारतीय दूरसंचार नेटवर्क पर ब्लॉक कर दिया जाता है, जिससे उसका दुरुपयोग रोका जा सके।
यदि कोई व्यक्ति उस ब्लॉक किए गए मोबाइल का उपयोग करने का प्रयास करता है, तो नेटवर्क द्वारा इसकी पहचान कर ली जाती है। इसके बाद संबंधित नागरिक और पुलिस स्टेशन को अलर्ट भेजा जाता है, जिससे मोबाइल की बरामदगी और उसे वास्तविक मालिक को लौटाने की प्रक्रिया तेज हो जाती है।
अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|
Created On :   28 Aug 2026 8:15 PM IST












