बंगाल ममता सरकार को झटका, तबादलों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दखल से इनकार

बंगाल ममता सरकार को झटका, तबादलों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दखल से इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले बड़े पैमाने पर नौकरशाही फेरबदल के खिलाफ दायर याचिका पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि चुनाव से पहले अधिकारियों के तबादले एक “आम प्रक्रिया” है।

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले बड़े पैमाने पर नौकरशाही फेरबदल के खिलाफ दायर याचिका पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि चुनाव से पहले अधिकारियों के तबादले एक “आम प्रक्रिया” है।

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा वरिष्ठ नौकरशाहों और पुलिस अधिकारियों के तबादलों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि ऐसे कदम पहले भी कई राज्यों में उठाए जाते रहे हैं।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बंदोपाध्याय ने दलील दी कि चुनाव आयोग ने राज्य सरकार से परामर्श किए बिना तबादले किए, जो वैधानिक ढांचे के खिलाफ है। इस पर पीठ ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए “राज्य के बाहर का पर्यवेक्षक होना हमेशा आदर्श होता है।”

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने यह माना कि राज्य सरकार से परामर्श की जरूरत के मुद्दे में “कुछ दम” है, लेकिन आसन्न विधानसभा चुनावों को देखते हुए इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया और इस कानूनी प्रश्न को भविष्य के लिए खुला छोड़ दिया।

यह याचिका कलकत्ता हाई कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ दायर की गई थी, जिसमें चुनाव आयोग के तबादला आदेशों को सही ठहराया गया था। हाई कोर्ट ने 31 मार्च के अपने निर्णय में कहा था कि निष्पक्ष चुनाव के लिए अधिकारियों का तबादला करने का अधिकार चुनाव आयोग के पास है और इस पर विस्तृत जांच की आवश्यकता नहीं है।

हाई कोर्ट ने यह भी कहा था कि बड़े पैमाने पर तबादलों से राज्य प्रशासन में कोई “प्रशासनिक ठहराव” नहीं आया है और केवल अधिक संख्या में अधिकारियों के स्थानांतरण को मनमाना या दुर्भावनापूर्ण नहीं कहा जा सकता, खासकर जब ऐसे कदम देशभर में उठाए जाते हैं।

गौरतलब है कि आचार संहिता लागू होने के बाद मार्च में चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), गृह सचिव समेत कई जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के तबादले किए थे। इस पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग ने एकतरफा कार्रवाई कर राज्य सरकार के अधिकारों को कमजोर किया है।

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Created On :   16 April 2026 7:18 PM IST

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