कैप्टन स्मित की बहादुरी आकांक्षी पायलटों के लिए प्रेरणा बनेगी परिजन

कैप्टन स्मित की बहादुरी आकांक्षी पायलटों के लिए प्रेरणा बनेगी  परिजन
कैप्टन स्मित मच्छार के परिजनों ने शनिवार को कहा कि जिस तरह स्मित ने अपने सह-पायलट के हमले के बावजूद फ्लाईदुबई की फ्लाइट एफजेड1073 में सवार यात्रियों की जान बचाई, वह "आकांक्षी पायलटों के लिए प्रेरणा" के रूप में काम करेगा।

मुंबई, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। कैप्टन स्मित मच्छार के परिजनों ने शनिवार को कहा कि जिस तरह स्मित ने अपने सह-पायलट के हमले के बावजूद फ्लाईदुबई की फ्लाइट एफजेड1073 में सवार यात्रियों की जान बचाई, वह "आकांक्षी पायलटों के लिए प्रेरणा" के रूप में काम करेगा।

कैप्टन मच्छार के चाचा किशोरभाई मच्छार ने कहा कि हालांकि उनकी अपने भतीजे से बात नहीं हुई है, लेकिन उनके पिता से उन्हें पता चला है कि पायलट की हालत अब स्थिर है।

उन्होंने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से कहा, "अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद मैं दुबई में उसके घर जाकर उससे मिलूंगा। हम बस चाहते हैं कि वह घर आ जाए, फिर हम एक बड़ा जश्न मनाएंगे।"

कैप्टन स्मित के चाचा ने कहा कि इस घटना ने दुनिया को एक संदेश दिया है। विमानन केवल एक चकाचौंध की दुनिया नहीं है। उन्होंने कहा, "सबसे पहली प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा है। स्मित का साहसिक कार्य आकांक्षी पायलटों के लिए प्रेरणा के रूप में काम करेगा।"

शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉल पर कैप्टन स्मित मच्छार से बात की, जहां पायलट ने उन्हें बताया कि हमलावर सह पायलट से लड़ते हुए वह लगातार 'हनुमान चालीसा' का जाप कर रहे थे।

पायलट की चाची सोनल मच्छार ने बताया कि मच्छार भाई-बहनों के बचपन में उनके माता-पिता उन्हें सुलाते समय 'हनुमान चालीसा' सुनाते थे। आईएएनएस से बात करते हुए उन्होंने कहा, "बचपन से ही हम रात में बच्चों को सुलाते समय हनुमान चालीसा चलाते थे। सुबह, घर के अंदर बने मंदिर में सभी आशीर्वाद लेते थे। हमारे मंदिर में हनुमान चालीसा भी रखी हुई है। इसी तरह सभी बच्चे बड़े हुए हैं।"

सोनल ने बताया कि स्मित मच्छार से उम्मीद थी कि वह अपने चचेरे भाई (उनके बेटे) के साथ परिवार के टेक्सटाइल बिजनेस में शामिल होंगे। पायलट के चचेरे भाई भी फ्लाई दुबई एयरलाइन में काम करते हैं। उन्होंने कहा, "वे उसी हिसाब से पढ़ाई भी कर रहे थे, लेकिन एक दिन दोनों आए और कहा कि वे एविएशन में जाना चाहते हैं। हालांकि पहले तो हम हैरान रह गए, लेकिन फिर हमने उनका समर्थन किया। उन्होंने न्यूजीलैंड में पढ़ाई की और बहुत अच्छी तरक्की की है।"

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से मुलाकात के बारे में उन्होंने कहा, "देवेंद्र फडणवीस ने हमें आश्वस्त किया, स्मित के जल्द स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना की। उन्होंने यह भी कहा कि अगर हमें किसी चीज की जरूरत हो तो उनसे संपर्क करें।"

स्मित मच्छार की चचेरी बहन पूजा गनात्रा ने कहा कि हालांकि घटना वाले दिन उनके चचेरे भाई के बारे में खबरें पूरे टेलीविजन और सोशल मीडिया पर थीं, लेकिन परिवार को यकीन नहीं था कि पायलट उसी फ्लाइट में था या नहीं।

उन्होंने बताया, "मेरा सगा भाई भी फ्लाई दुबई में है। उसे कॉल आया कि स्मित घायल हो गया है। उसने मुझे कॉल किया और इस तरह मुझे इसके बारे में पता चला। जाहिर है परिवार बहुत परेशान था। मैं गई और उसके माता-पिता और मेरे माता-पिता को भी इसकी जानकारी दी, उनका ध्यान रखा और स्मित के माता-पिता को दुबई भेजा, जहां परिवार ने उससे मुलाकात की। वह अब स्थिर है।"

मुंबई में फ्लाईबाय एविएशन एकेडमी की सेंटर हेड गनात्रा ने अपने चचेरे भाई के इस साहसिक कार्य को दुनिया के लिए गर्व का क्षण बताया और कहा, "निश्चित रूप से यह पूरी दुनिया के लिए गर्व का क्षण है, लेकिन एक परिवार के रूप में यह हमारे लिए बहुत ही भावुक क्षण है। हम केवल यही प्रार्थना करेंगे कि वह जल्द से जल्द ठीक हो जाए और उम्मीद करते हैं कि वह जल्द ही घर लौट आए।"

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Created On :   3 Oct 2026 11:53 PM IST

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