दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रामाफोसा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में लेंगे हिस्सा, व्यापार और ग्लोबल साउथ पर रहेगा जोर
केप टाउन, 9 सितंबर (आईएएनएस)। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत आएंगे। दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति कार्यालय ने बुधवार को यह जानकारी दी।
शिखर सम्मेलन में ब्रिक्स सहयोग को जन-केंद्रित विकास, व्यापार और निवेश के विस्तार, वित्तीय एवं संस्थागत सहयोग को मजबूत करने तथा संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों में सुधार को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी।
सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब पश्चिम एशिया और यूक्रेन में जारी संघर्षों तथा बड़ी शक्तियों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की दिशा में प्रगति के सामने नई चुनौतियां खड़ी की हैं।
दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक, रामाफोसा शिखर सम्मेलन के जरिए अपने कूटनीतिक और आर्थिक हितों को आगे बढ़ाएंगे। इसमें ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ाना, औद्योगिकीकरण एवं मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देना और अफ्रीकी बुनियादी ढांचे में निवेश जुटाना प्रमुख प्राथमिकताएं होंगी। इन प्रयासों को अफ्रीकी महाद्वीपीय मुक्त व्यापार क्षेत्र (एएफसीटीए) के अनुरूप आगे बढ़ाने पर भी जोर रहेगा।
रामाफोसा ब्रिक्स बिजनेस फोरम लीडर्स डायलॉग में भी शामिल होंगे। इसमें सदस्य देशों के नेता और कारोबारी प्रतिनिधि व्यापार, आपूर्ति श्रृंखला, कृषि, महिला नेतृत्व वाले विकास, डिजिटल अर्थव्यवस्था और नवाचार जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
दक्षिण अफ्रीका के ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल और ब्रिक्स वुमेन्स बिजनेस अलायंस के प्रतिनिधि भी इस फोरम में भाग लेंगे। इसका उद्देश्य वाणिज्यिक संबंधों को और मजबूत करना तथा निवेश और आर्थिक सहयोग के नए अवसर तलाशना है।
शिखर सम्मेलन में ‘समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करना’ विषय पर एक विशेष सत्र होगा। आमंत्रित देशों के नेताओं के साथ होने वाले सत्र का विषय ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता: समावेशी वैश्विक विकास के भविष्य को आकार देना’ होगा।
दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के समापन पर नई दिल्ली घोषणा-पत्र अपनाया जाएगा।
रामाफोसा के साथ दक्षिण अफ्रीका के अंतरराष्ट्रीय संबंध एवं सहयोग मंत्री रोनाल्ड लामोला, राष्ट्रपति कार्यालय में मंत्री खुम्बुदजो न्त्शावहेनी और व्यापार, उद्योग एवं प्रतिस्पर्धा के उपमंत्री जुको गोडलिम्पी भी भारत आएंगे।
भारत 12-13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। इसमें ब्रिक्स सदस्य देशों के अलावा साझेदार देशों और आमंत्रित देशों के नेता भी शामिल होंगे।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का मूल विषय ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता’ है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मानवता प्रथम’ की भावना पर आधारित जन-केंद्रित दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करता है।
शिखर सम्मेलन में साझा प्राथमिकताओं पर ब्रिक्स के भीतर सहयोग मजबूत करने के साथ-साथ वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान होगा।
ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और यूएई ब्रिक्स के सदस्य देश हैं। साझेदार के तौर पर बेलारूस, क्यूबा, बोल्विया, कजाकिस्तान, मलेशिया, नाइजेरिया, थाइलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम समूह का हिस्सा हैं।
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Created On :   9 Sept 2026 5:28 PM IST












