दक्षिण कोरिया की संसद ने सर्वसम्मति से यूएस निवेश पर स्पेशल बिल पास किया

दक्षिण कोरिया की संसद ने सर्वसम्मति से यूएस निवेश पर स्पेशल बिल पास किया
कोरिया की नेशनल असेंबली (राष्ट्रीय संसद) के पूर्ण सत्र (प्लेनरी सेशन) में ‘दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच सामरिक निवेश प्रबंधन के लिए विशेष कानून’ (स्पेशल एक्ट ऑन इंवेस्टमेंट इन द यूएस) को बहुमत से पास कर दिया गया। इसे सत्ताधारी दल ने लगभग तीन महीने पहले पेश किया था।

सोल, 12 मार्च (आईएएनएस)। कोरिया की नेशनल असेंबली (राष्ट्रीय संसद) के पूर्ण सत्र (प्लेनरी सेशन) में ‘दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच सामरिक निवेश प्रबंधन के लिए विशेष कानून’ (स्पेशल एक्ट ऑन इंवेस्टमेंट इन द यूएस) को बहुमत से पास कर दिया गया। इसे सत्ताधारी दल ने लगभग तीन महीने पहले पेश किया था।

इस बिल को सत्ताधारी डेमोक्रेटिक पार्टी (डीपी) और मुख्य विपक्षी दल पीपल पावर पार्टी (पीपीपी) दोनों का समर्थन था। यह बिल पिछले साल नवंबर में सोल और वाशिंगटन के बीच हुए व्यापार और सुरक्षा समझौते (एमओयू) का अनुसरण करने के लिए लाया गया था।

योनहाप एजेंसी ने बताया कि बिल पास होने के कुछ ही समय बाद, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने कहा कि वह बिना देर किए कानून को लागू करने के लिए आगे के कदम उठाएंगे।

ली ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा, "मैं यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश करूंगा कि स्ट्रेटेजिक इन्वेस्टमेंट न सिर्फ दक्षिण कोरिया और अमेरिका दोनों के इकोनॉमिक डेवलपमेंट में मदद करे, बल्कि सप्लाई चेन की स्थिरता और राष्ट्रीय सुरक्षा के हितों को बढ़ावा देने में भी मदद करे।"

इसके तहत दक्षिण कोरिया 350 अरब डॉलर (लगभग 5.17 लाख करोड़ वॉन या 517 ट्रिलियन वॉन) का निवेश अमेरिका में करेगा, जिसमें सेमीकंडक्टर, शिपबिल्डिंग, क्रिटिकल मिनरल्स और अन्य सामरिक क्षेत्र शामिल हैं।

इसके लिए कोरिया-यूएस स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन नाम की नई सरकारी कंपनी बनाई जाएगी, जिसके लिए सरकार 2 ट्रिलियन वॉन (लगभग 1.4 अरब डॉलर) का कैपिटल देगी। एक रिस्क मैनेजमेंट कमिटी भी बनेगी जो निवेश प्रोजेक्ट्स की निगरानी करेगी और संसद को निवेश के बड़े फैसलों की जानकारी देनी होगी।

कॉर्पोरेशन में कुल 50 कर्मचारी होंगे, और निदेशक मंडल के तीन सदस्यों के पास वित्तीय क्षेत्र या सामरिक इंडस्ट्रीज में कम से कम 10 साल का अनुभव होना जरूरी होगा ताकि क्रोनी नियुक्तियों को रोका जा सके।

ट्रंप प्रशासन ने दक्षिण कोरिया पर रिसिप्रोकल टैरिफ (पारस्परिक शुल्क) लगाने की धमकी दी थी। इस बिल को पास करके कोरिया अमेरिका के साथ व्यापार संबंध मजबूत रखना चाहता है और टैरिफ के खतरे को टालना चाहता है।

प्रक्रिया के तहत 9 मार्च को विशेष समिति ने इसे सर्वसम्मति से पास किया और 11 मार्च को विधायी और न्याय समिति ने भी मंजूरी दी जिसके बाद 12 मार्च को पूर्ण सत्र में इसे पास कर दिया गया। यह बिल अब कानून बन गया है और कोरिया-अमेरिका संबंधों में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे दोनों देशों के बीच निवेश और व्यापार सहयोग बढ़ेगा।

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Created On :   12 March 2026 2:41 PM IST

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