निलंबित आईएएस बी. अशोक का सीएम विजयन पर हमला, बोले- यह कार्रवाई मेरे लिए सम्मान का बैज

निलंबित आईएएस बी. अशोक का सीएम विजयन पर हमला, बोले- यह कार्रवाई मेरे लिए सम्मान का बैज
निलंबन के एक दिन बाद वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. बी. अशोक ने गुरुवार को मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार में राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ा है, सार्वजनिक धन का दुरुपयोग हो रहा है और नौकरशाही की स्वतंत्रता कमजोर हुई है।

तिरुवनंतपुरम, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। निलंबन के एक दिन बाद वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. बी. अशोक ने गुरुवार को मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार में राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ा है, सार्वजनिक धन का दुरुपयोग हो रहा है और नौकरशाही की स्वतंत्रता कमजोर हुई है।

मीडिया से बातचीत में 28 वर्षों की सेवा दे चुके अशोक, जो आईएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं, ने दावा किया कि उनका निलंबन वर्ष 2023 से सरकार के खिलाफ एसोसिएशन की कानूनी जीतों से जुड़ा है।

उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री का गुस्सा समझा जा सकता है, क्योंकि इस दौरान एसोसिएशन ने पांच मामले जीते हैं।”

अशोक ने विजयन सरकार के पहले कार्यकाल (2016-2021) और दूसरे कार्यकाल की तुलना करते हुए कहा कि पहले कार्यकाल में वरिष्ठ मंत्रियों ने नौकरशाहों की भूमिका का सम्मान किया था।

हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरे कार्यकाल में शासन शैली बदल गई और करीब एक दर्जन सेवानिवृत्त अधिकारी प्रभावशाली भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने पूर्व मुख्य सचिव के.एम. अब्राहम को मुख्यमंत्री कार्यालय में नए पद पर नियुक्त किए जाने का भी जिक्र किया और इसे अभूतपूर्व कदम बताया।

अशोक ने साफ कहा कि वह फिलहाल अपने निलंबन को अदालत में चुनौती नहीं देंगे। उन्होंने इसे “सम्मान का बैज” बताया।

उन्होंने कहा, “निलंबन आदेश मेरी मेज पर पड़ा रहने दीजिए। मुझे भरोसा है कि नई सरकार इसका उचित समाधान करेगी।”

अशोक ने दावा किया कि पिछले छह महीनों में कुछ अधिकारियों को सरकार के तीसरे कार्यकाल के लिए सक्रिय किया गया और इसके लिए सार्वजनिक धन का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर प्रचार अभियान चलाया गया।

उनके मुताबिक, मुंबई की एक पीआर एजेंसी को इसके लिए 130 करोड़ रुपये का ठेका दिया गया।

उन्होंने इन घटनाओं को गंभीर अनियमितता बताते हुए कहा कि इससे ऐसी खतरनाक परंपरा बन रही है, जिसमें सिविल सेवा राजनीतिक सत्ता के अधीन होती जा रही है।

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Created On :   30 April 2026 2:52 PM IST

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