तमिलनाडु सरकार सहकारी स्टोरों के जरिए 40-50 रुपये प्रति किलो की दर से चावल बेचने पर कर रही विचार

तमिलनाडु सरकार सहकारी स्टोरों के जरिए 40-50 रुपये प्रति किलो की दर से चावल बेचने पर कर रही विचार
खुदरा कीमतों में वृद्धि के मद्देनजर उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने के लिए तमिलनाडु सरकार सहकारी दुकानों के माध्यम से चावल को 40 से 50 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचने पर विचार कर रही है।

चेन्नई, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। खुदरा कीमतों में वृद्धि के मद्देनजर उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने के लिए तमिलनाडु सरकार सहकारी दुकानों के माध्यम से चावल को 40 से 50 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचने पर विचार कर रही है।

इस प्रस्ताव में भारतीय खाद्य निगम और अन्य राज्यों से चावल खरीदकर सहकारी संस्थाओं के माध्यम से वितरित करने की बात कही गई है। अधिकारी कार्यक्रम को लागू करने से पहले उपलब्धता और खरीद लागत के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं।

अगस्त में जो चावल 50 से 60 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, अब उसकी कीमत 70 से 80 रुपये के बीच है, जिससे परिवारों के बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।

दालों और खाना पकाने के तेल सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी वृद्धि हुई है, जिसके चलते सरकार को इस वृद्धि को रोकने के उपायों की समीक्षा करनी पड़ रही है।

खाद्य मंत्री वेंकटरमनन ने मंगलवार को चेन्नई स्थित सचिवालय में मूल्य निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें स्थिति और संभावित उपायों पर चर्चा की गई। मुख्य सचिव साईकुमार, खाद्य सचिव अमुधा, वित्त सचिव सिद्दीकी और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

चर्चा का मुख्य केंद्र आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने और उपभोक्ताओं को अधिक किफायती दरों पर आपूर्ति उपलब्ध कराने के उपायों पर था।

समीक्षा के दौरान सहकारी भंडारों के माध्यम से चावल की प्रस्तावित बिक्री सहित कई उपायों पर विचार किया गया। सहकारिता एवं खाद्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सरकार भारतीय खाद्य निगम और अन्य राज्यों के आपूर्तिकर्ताओं से उत्तम गुणवत्ता वाले चावल खरीदने की संभावना पर विचार कर रही है।

अधिकारी ने बताया कि इसका उद्देश्य सहकारी दुकानों के माध्यम से 40 रुपये से 50 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से चावल उपलब्ध कराना था।

अधिकारी उन राज्यों की पहचान कर रहे हैं जहां चावल बिक्री के लिए उपलब्ध है और उन दरों का आकलन कर रहे हैं जिन पर आपूर्ति खरीदी जा सकती है। ये विवरण प्रस्तावित हस्तक्षेप के लिए पर्याप्त मात्रा में चावल सुरक्षित किया जा सकता है या नहीं, यह निर्धारित करने में सहायक होंगे।

अधिकारी ने कहा कि एक लाख टन चावल की उपलब्धता की पुष्टि हो जाने के बाद सरकार कम कीमत पर बिक्री शुरू करने के लिए कदम उठाएगी।

इसलिए, प्रस्ताव को आगे बढ़ाने से पहले उस मात्रा को सुरक्षित करना एक प्रमुख आवश्यकता है। योजना अभी भी विचाराधीन है, और खरीद संबंधी व्यवस्थाओं को अभी अंतिम रूप दिया जाना बाकी है।

बिक्री शुरू होने की कोई तारीख तय नहीं की गई है। यदि प्रस्तावित दरों पर इसे लागू किया जाता है, तो इस पहल से उपभोक्ताओं को अधिकारियों द्वारा बताई गई मौजूदा खुदरा कीमतों से कम दामों पर चावल उपलब्ध होगा। इसका क्रियान्वयन आपूर्ति की पुष्टि और सरकार द्वारा खरीद विकल्पों और लागतों के आकलन के पूरा होने पर निर्भर करेगा।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   14 Oct 2026 1:22 PM IST

Tags

Next Story