तेलंगाना के डीजीपी ने बुलाई अधिकारियों की बैठक, प्रत्यक्ष और प्रभावी पुलिसिंग पर दिया जोर
हैदराबाद, 3 जुलाई (आईएएनएस)। तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक सीवी आनंद ने शुक्रवार को पुलिस बल को प्रत्यक्ष और प्रभावी पुलिसिंग को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया ताकि जनता का विश्वास बढ़ाया जा सके और पुलिस-जनता संबंधों को मजबूत किया जा सके।
उन्होंने हैदराबाद स्थित पुलिस महानिदेशक कार्यालय में राज्य भर के यूनिट अधिकारियों और थाना अधिकारियों (एसएचओ) के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में प्रौद्योगिकी के अधिक उपयोग और पुलिस सेवाओं की दक्षता में सुधार के माध्यम से जन-केंद्रित पुलिसिंग को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
उन्होंने सभी अधिकारियों को जनता के लिए सुलभ रहने और कानून व्यवस्था, अपराध का पता लगाने, जांच की गुणवत्ता, पुलिसिंग प्रथाओं के कार्यान्वयन और स्थानीय जन मुद्दों का आकलन करने के लिए अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पुलिस स्टेशनों का नियमित रूप से दौरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जमीनी दौरे से अधिकारियों को जमीनी स्तर की समस्याओं की पहचान करने और त्वरित सुधारात्मक उपाय सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।
पुलिस स्टेशनों में आने-जाने के समय का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया और इस बात पर जोर दिया कि अधिकारियों को शिविर कार्यालयों के बजाय अपने कार्यालयों से कार्य करना चाहिए, जिससे अधिक सुलभता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने चेतावनी दी कि कुछ पुलिसकर्मियों के आचरण से संबंधित शिकायतों का गंभीरता से समाधान किया जाना चाहिए और सभी अधिकारियों को उच्चतम स्तर की व्यावसायिकता बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पुलिस को नागरिक विवादों, विशेष रूप से भूमि संबंधी मामलों में अनावश्यक रूप से हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए और सोशल मीडिया पर फैल रही गलत सूचनाओं और अफवाहों पर कड़ी निगरानी रखनी चाहिए।
डीजीपी ने सीसीटीवी निगरानी प्रणाली (सीसीटीएनएस), प्रत्यक्ष पुलिसिंग, फील्ड विजिट, पुलिस स्टेशन निरीक्षण, वाहन चेकिंग, नशीले पदार्थों और गांजा नियंत्रण, साइबर अपराध जांच, सड़क सुरक्षा, अपराध का पता लगाने और समग्र पुलिसिंग मानकों सहित प्रमुख पुलिसिंग पहलों के कार्यान्वयन और प्रगति की समीक्षा की।
आधुनिक पुलिसिंग में प्रौद्योगिकी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए डीजीपी ने अधिकारियों को सीसीटीवी निगरानी प्रणाली (सीसीटीएनएस), ई-साक्ष्य, आईसीजेएस एप्लिकेशन और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग करने का निर्देश दिया। उन्होंने एसएचओ को एफआईआर दर्ज होने के तुरंत बाद सभी प्रासंगिक डिजिटल साक्ष्य ई-साक्ष्य पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया ताकि कुशल जांच और अभियोजन सुनिश्चित हो सके।
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Created On :   3 July 2026 10:39 PM IST












