'वे नेहरू और इंदिरा गांधी की पूजा करते हैं' भाजपा ने कांग्रेस पर हमला बोला

वे नेहरू और इंदिरा गांधी की पूजा करते हैं भाजपा ने कांग्रेस पर हमला बोला
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अनुसूचित जाति (एससी) मोर्चा के अध्यक्ष और संत रविदास समरसता संकल्प अभियान के राष्ट्रीय संयोजक लाल सिंह आर्य ने बुधवार को कांग्रेस पर समाज सुधारकों और राष्ट्रीय प्रतिमाओं की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जहां कांग्रेस 'नेहरू और इंदिरा गांधी की पूजा करती है, वहीं भाजपा संत रविदास, बीआर अंबेडकर, बिरसा मुंडा और अहिल्याबाई होलकर जैसी हस्तियों का सम्मान करती है।

जयपुर, 5 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अनुसूचित जाति (एससी) मोर्चा के अध्यक्ष और संत रविदास समरसता संकल्प अभियान के राष्ट्रीय संयोजक लाल सिंह आर्य ने बुधवार को कांग्रेस पर समाज सुधारकों और राष्ट्रीय प्रतिमाओं की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जहां कांग्रेस 'नेहरू और इंदिरा गांधी की पूजा करती है, वहीं भाजपा संत रविदास, बीआर अंबेडकर, बिरसा मुंडा और अहिल्याबाई होलकर जैसी हस्तियों का सम्मान करती है।

आर्य ने ये टिप्पणियां जयपुर में आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कीं। कार्यक्रम संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे समरसता संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया था।

इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राजस्थान भाजपा अध्यक्ष मदन राठौर भी उपस्थित थे।

आर्य ने कहा कि संत रविदास हमारी आस्था और श्रद्धा के प्रतीक हैं, इसीलिए हम उनकी जयंती मनाते हैं। लेकिन जब कांग्रेस सत्ता में होती है, तो वह न तो संत रविदास को याद करती है, न ही महर्षि वाल्मीकि को, और न ही वह बीआर अंबेडकर को सही मायने में सम्मान देती है।

राजनीतिक तुलना करते हुए भाजपा एससी मोर्चा के अध्यक्ष ने कहा, "आप नेहरू और इंदिरा गांधी की पूजा करते हैं। यही आपकी और हमारी विचारधारा में अंतर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम भारत की सामाजिक सद्भाव की परंपरा के तहत बिरसा मुंडा, संत रविदास और अहिल्याबाई होलकर की जयंती मनाते हैं।"

कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री शर्मा ने अभियान के तहत राजस्थान के सभी 25 लोकसभा क्षेत्रों में पवित्र मिट्टी से भरे कलशों को ले जा रहे 'राज कलश रथों' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

सभा को संबोधित करते हुए राजस्थान भाजपा अध्यक्ष राठौर ने आरोप लगाया कि वर्षों से कई भारतीय संतों और ऐतिहासिक हस्तियों के योगदान को धीरे-धीरे शिक्षा के पाठ्यक्रम से हटा दिया गया है।

अपने स्कूली दिनों को याद करते हुए राठौर ने कहा कि जब वे 1967 में कक्षा 7 में थे, तब संत रविदास की शिक्षाएं और दोहे स्कूल के पाठ्यक्रम का हिस्सा थे।

उन्होंने दावा किया कि बाद में शिक्षा प्रणाली में हुए बदलावों ने भारत के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों पर जोर कम कर दिया।

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Created On :   5 Aug 2026 11:10 PM IST

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