'शरिया और संविधान के बीच लड़ाई', महाराष्ट्र के मंत्री ने रामलीला मैदान रैली को लेकर इंडी गठबंधन पर साधा निशाना

मुंबई, 2 नवंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने सोमवार को आरोप लगाया कि इंडिया गठबंधन देश में शरिया कानून लागू करना चाहता है और उसके नेता डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान का विरोध करते हैं।
पत्रकारों से बातचीत में राणे ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी गठबंधन मौजूदा लोकतांत्रिक व्यवस्था को खत्म करना चाहता है।
उन्होंने कहा, "लोकतंत्र की रक्षा होनी चाहिए या नहीं? इंडिया गठबंधन के लोग देश में शरिया कानून लागू करना चाहते हैं। वे बाबा साहेब अंबेडकर और उनके बनाए संविधान के विरोधी हैं। इसलिए वे चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट को नहीं चाहते। वे पूरे संवैधानिक ढांचे और लोकतांत्रिक व्यवस्था को खत्म करना चाहते हैं ताकि देश में शरिया कानून लागू किया जा सके। इंडिया गठबंधन के नेता यही कर रहे हैं।"
राणे ने कहा, "यह लड़ाई शरिया और संविधान के बीच की है और हम संविधान की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं। हम संविधान के साथ खड़े हैं। इसी वजह से देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में हम रैलियां आयोजित कर रहे हैं।"
उन्होंने दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडिया गठबंधन की रैली पर भी निशाना साधा और दावा किया कि रैली में अपेक्षित भीड़ नहीं जुट पाई।
राणे ने कहा, "लोग नहीं आए, यह साफ दिखाई दे रहा था। कई वीडियो में खाली कुर्सियां नजर आ रही हैं और दूर-दूर तक लोग दिखाई नहीं दे रहे हैं। अगर किसी फिल्म का हीरो ही फ्लॉप हो जाए तो फिल्म का फ्लॉप होना तय है। यही वजह है कि रामलीला मैदान में जो शो करने की कोशिश की गई, वह पूरी तरह फ्लॉप हो गया।"
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा रैली के दौरान शिव तांडव और शिव भारत को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राणे ने कहा कि सनातन हिंदू धर्म की विशेषता ही समावेशिता है और इसमें कोई भी व्यक्ति शामिल हो सकता है।
हालांकि उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हिंदुओं का ईद और मुहर्रम जैसे आयोजनों में उसी तरह स्वागत किया जाता है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को मंच पर मौजूद मुस्लिम लीग के नेताओं और धर्मगुरुओं से भी यह सवाल पूछना चाहिए था।
राणे ने बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा की उस सोशल मीडिया पोस्ट पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने लोगों से पर्यावरण के अनुकूल तरीके से दिवाली मनाने की अपील की थी।
उन्होंने कहा, "दीया मिर्जा ने दिवाली को लेकर जिस तरह का ट्वीट किया है और जैसी सलाह दी है, वैसी सलाह उन्हें ईद, मुहर्रम या बकरीद के दौरान देते हुए नहीं देखा जाता। जब भी होली या दिवाली आती है, लोगों को पर्यावरण-अनुकूल तरीके से त्योहार मनाने की सलाह दी जाती है। अगर लोग रमजान या बकरीद को भी पर्यावरण-अनुकूल तरीके से मनाने की सलाह देंगे, तब हमें लगेगा कि वे सभी को समान रूप से सही सलाह दे रहे हैं।"
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