तेलंगाना के डीजीपी ने कहा कि टीएमएआरएस सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए काम करेगा

तेलंगाना के डीजीपी ने कहा कि टीएमएआरएस सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए काम करेगा
तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सीवी आनंद ने शुक्रवार को तेलंगाना यातायात प्रबंधन, सड़क और रेल सुरक्षा ब्यूरो (टीजी-टीएमएआरएस) के गठन को राज्य सरकार का एक शानदार कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह सड़क दुर्घटनाओं और मौतों को कम करने के लिए काम करेगा।

हैदराबाद, 25 सितंबर (आईएएनएस)। तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सीवी आनंद ने शुक्रवार को तेलंगाना यातायात प्रबंधन, सड़क और रेल सुरक्षा ब्यूरो (टीजी-टीएमएआरएस) के गठन को राज्य सरकार का एक शानदार कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह सड़क दुर्घटनाओं और मौतों को कम करने के लिए काम करेगा।

उन्होंने कहा कि इस ब्यूरो का उद्देश्य पूरे राज्य में मानकीकृत यातायात प्रवर्तन, इंजीनियरिंग, शिक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था स्थापित करना है और साथ ही सभी राजमार्गों और आउटर रिंग रोड (ओआरआर) पर गश्त और सुरक्षा बढ़ाना है ताकि दुर्घटनाओं और मौतों को कम किया जा सके।

डीजीपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि ब्यूरो का संचालन अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक/पुलिस महानिरीक्षक रैंक के निदेशक के अधीन होगा और इसके चार विभाग होंगे - प्रवर्तन और शिक्षा के माध्यम से यातायात प्रबंधन, सड़क और रेल सुरक्षा विभाग, प्रशासनिक विभाग और सतर्कता एवं मानक विभाग।

उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार एक ट्रैफिक मैनेजमेंट फंड बनाया गया है, जिसमें पुलिस द्वारा वसूले गए जुर्माने की राशि का 40 प्रतिशत जमा किया जाएगा।

तेलंगाना पुलिस प्रमुख ने कहा कि संबंधित जिलों और कमिश्नरेटों के यातायात विभाग संबंधित यूनिट अधिकारी के परिचालन नियंत्रण में काम करते रहेंगे, लेकिन राज्य भर में मानकीकृत नीतियों के लिए तेलंगाना-टीएमएआरएस ब्यूरो के निर्देशों का पालन करेंगे।

तेलंगाना सरकार द्वारा इसे एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए डीजीपी आनंद ने इस बेहद जरूरी सुधार को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को धन्यवाद दिया।

तेलंगाना डीजीपी ने आगे कहा कि हम चारों कमिश्नरेटों और पूरे राज्य में यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने और सड़क दुर्घटनाओं और मौतों को कम करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे।

माओवादी समस्या के समाप्त होने के साथ, तेलंगाना पुलिस विभाग अपने कर्मचारियों का युक्तिकरण कर रहा है और पुनर्गठन प्रक्रिया के तहत, अपराध की बदलती प्रकृति और सार्वजनिक सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए विशेष इकाइयों से कर्मियों को स्थानांतरित कर रहा है।

डीजीपी आनंद ने जुलाई में घोषणा की कि ग्रेहाउंड्स, ऑक्टोपस और एसआईबी सहित विशेष इकाइयों के 513 कर्मियों को परिचालन आवश्यकताओं के आधार पर आठ विभागों में स्थानांतरित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि दशकों में पुलिसिंग का स्वरूप काफी बदल गया है।

जहां 1980, 1990 और 2000 के दशक में वामपंथी उग्रवाद और आतंकवाद प्रमुख चुनौतियां थीं, वहीं अब पुलिस को मादक पदार्थों की तस्करी, साइबर अपराध, ऑनलाइन सट्टेबाजी, निवेश धोखाधड़ी, यातायात प्रबंधन, सड़क सुरक्षा और खाद्य पदार्थों में मिलावट जैसे मामलों से निपटना पड़ रहा है।

डीजीपी आनंद ने जुलाई में कहा कि सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   25 Sept 2026 8:02 PM IST

Tags

Next Story