एआई और उन्नत तकनीक के उपयोग से ईरान के ड्रोन उन्‍हीं के ख‍िलाफ इस्‍तेमाल क‍िए कमांडर एडमिरल ब्रैडली कूपर

एआई और उन्नत तकनीक के उपयोग से ईरान के ड्रोन उन्‍हीं के ख‍िलाफ इस्‍तेमाल क‍िए कमांडर एडमिरल ब्रैडली कूपर
अमेरिका ने गुरुवार को कहा कि हाल ही में ईरान के खिलाफ उसकी सैन्य कार्रवाइयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और दूसरी उन्नत तकनीकों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। यह इस बात का संकेत है कि आज के समय में युद्ध लड़ने का तरीका बदल रहा है।

वॉशिंगटन, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका ने गुरुवार को कहा कि हाल ही में ईरान के खिलाफ उसकी सैन्य कार्रवाइयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और दूसरी उन्नत तकनीकों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। यह इस बात का संकेत है कि आज के समय में युद्ध लड़ने का तरीका बदल रहा है।

अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैडली कूपर ने कहा कि एआई टूल्स का इस्तेमाल बड़ी मात्रा में युद्ध से जुड़ी जानकारी को प्रोसेस करने और फैसले लेने में मदद के लिए किया जा रहा है।

उन्होंने पेंटागन की एक ब्रीफिंग में कहा, “मैंने उन टीमों से मुलाकात की जो हर दिन एआई का इस्तेमाल कर रही थीं, ताकि हम बहुत सारी जानकारी को छांट सकें और तेजी से फैसले ले सकें।”

उन्होंने यह भी साफ किया कि इन सभी प्रक्रियाओं में इंसानों का नियंत्रण बना रहता है। उन्होंने कहा क‍ि इस पूरी प्रक्रिया में इंसान हमेशा शामिल रहते हैं।

कूपर ने यह बयान रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन एयर फोर्स जनरल डैन केन के साथ मिलकर दिया। इस दौरान हाल की सैन्य कार्रवाइयों और मौजूदा संघर्षविराम की स्थिति के बारे में जानकारी दी।

ये बयान उस समय आए हैं जब अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक हाल ही में “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के तहत तेज सैन्य कार्रवाई हुई, जिसके बाद लड़ाई में एक अस्थायी रोक लगाई गई है।

एआई के अलावा कूपर ने साइबर ऑपरेशन, अंतरिक्ष-आधारित सिस्टम और बिना चालक वाले (ड्रोन) सिस्टम जैसी कई उन्नत तकनीकों के इस्तेमाल की भी बात की, लेकिन उन्होंने इनके ऑपरेशनल विवरण साझा नहीं किए।

उन्होंने कहा क‍ि मैंने हमारे स्पेस फोर्स और साइबर विशेषज्ञों की टीमों से मुलाकात की, जिनका काम सार्वजनिक रूप से बताया नहीं जा सकता, लेकिन उनका योगदान बहुत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने यह भी बताया कि दुश्मन की तकनीक को बदलकर इस्तेमाल किया गया, जिसमें ईरान में बने ड्रोन शामिल हैं।

उन्होंने कहा क‍ि ये मूल रूप से ईरानी डिजाइन के ड्रोन थे... हम उन्हें अमेरिका लाए, उनके अंदर के हिस्सों को बदला, उन पर ‘मेड इन अमेरिका’ का निशान लगाया और फिर उन्हें वापस ईरान के खिलाफ इस्तेमाल किया।

अधिकारियों के अनुसार इन तकनीकों को मिलाकर इस्तेमाल करना एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है, जिससे युद्ध के मैदान में फैसले तेजी से लिए जा सकें और ऑपरेशन ज्यादा प्रभावी हो सकें।

हालांकि बड़े स्तर की लड़ाई फिलहाल रुकी हुई है, लेकिन अमेरिकी सेना अभी भी पूरी तरह सतर्क है। कूपर ने कहा कि इस सीजफायर के दौरान सैनिक अपनी क्षमताओं को और मजबूत कर रहे हैं। हम फिर से हथियार तैयार कर रहे हैं, अपनी व्यवस्था को सुधार रहे हैं और अपनी रणनीति को बदल रहे हैं।

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Created On :   16 April 2026 11:56 PM IST

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