'हॉन्टेड 3डी' के डायरेक्टर विक्रम भट्ट ने बताए अपने शौक, कहा- 'साइंस, टेक्नोलॉजी और फॉर्मूला 1 रेसिंग में दिलचस्पी'
मुंबई, 15 जून (आईएएनएस)। अभिनेता महाक्षय चक्रवर्ती स्टारर फिल्म 'हॉन्टेड 3डी: इकोस ऑफ द पास्ट' कमाई के मामले में बॉक्स ऑफिस पर अपनी छाप छोड़ रही है। इस बीच फिल्म के निर्देशक विक्रम भट्ट ने आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में बताया कि उनकी क्रिएटिविटी किन चीजों से प्रभावित होती है और वह दुनिया को किस नजरिए से देखते हैं।
आईएएनएस से बात करते हुए विक्रम भट्ट ने कहा, ''मेरी जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा साइंस और टेक्नोलॉजी को समझने और उससे जुड़ी नई जानकारियों को पढ़ने में जाता है। मुझे नई खोजें, तकनीकी बदलाव और वैज्ञानिक सोच हमेशा से आकर्षित करती रही हैं। यह मेरा सिर्फ एक शौक नहीं है, बल्कि मेरी सोच का अहम हिस्सा है, जो मुझे कहानियां गढ़ने में भी मदद करता है। आज की दुनिया तेजी से बदल रही है और टेक्नोलॉजी हर इंसान की जिंदगी को प्रभावित कर रही है, इसलिए इसे समझना बेहद जरूरी है।''
इंटरव्यू में उन्होंने अपने एक खास शौक का भी जिक्र किया, जो 'फॉर्मूला 1 रेसिंग' है। उन्होंने कहा, ''मैं 'फॉर्मूला 1 रेसिंग' का बड़ा फैन हूं और लगभग हर सीजन को फॉलो करता हूं। बाकी खेलों में मेरी उतनी दिलचस्पी नहीं है। खासकर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) को मैं ज्यादा फॉलो नहीं कर पाता और कई खिलाड़ियों के नाम भी मुझे नहीं पता। मुझे वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था से जुड़े आर्टिकल पढ़ना भी पसंद है। मैं दुनिया भर के आर्थिक विशेषज्ञों और राजनीतिक विश्लेषकों की राय को ध्यान से पढ़ता हूं, इससे सोच का दायरा बढ़ता है।''
उन्होंने डर और हॉरर कहानियों में अपनी दिलचस्पी को लेकर कहा, "मुझे लगता है कि डर ही दुनिया की बाकी सभी भावनाओं का आधार है। अगर किसी इंसान को अपने किसी करीबी व्यक्ति को खोने का डर होता है, तो वही डर उसके अंदर अधिकार जताने की भावना पैदा करता है। अगर किसी को लगता है कि उसके पास पर्याप्त चीजें नहीं हैं, तो वही डर लालच का रूप ले लेता है। इसी तरह अकेले रह जाने का डर लोगों को रिश्ते बनाने के लिए प्रेरित करता है और पीछे छूट जाने का डर उन्हें दूसरों से आगे निकलने की होड़ में शामिल कर देता है।"'
उन्होंने कहा, ''अक्सर लोग भावनाओं को अलग-अलग नाम देते हैं, लेकिन अगर गहराई से देखा जाए तो इनके पीछे डर ही छिपा होता है। दुनिया में बहुत बड़ी संख्या में लोग किसी न किसी डर के साथ जी रहे हैं, लेकिन उन्हें यह एहसास नहीं होता कि उनकी कई भावनाओं की असली वजह डर ही है।''
विक्रम भट्ट ने कहा, ''सिर्फ इंसानों की दुनिया ही नहीं, बल्कि पूरा जीव-जगत डर के आधार पर चलता है। डर जिंदा रहने के लिए जरूरी है। अगर कोई व्यक्ति किसी खतरनाक जानवर को देखकर नहीं डरेगा, तो उसकी जान खतरे में पड़ सकती है। यही डर उसे सावधान करता है और सुरक्षित रहने का रास्ता दिखाता है।''
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Created On :   15 Jun 2026 11:41 PM IST












