ईरान ने पड़ोसी देशों को दी नसीहत, कहा- हमलों में सहयोग बढ़ा रहा नरसंहार

ईरान ने पड़ोसी देशों को दी नसीहत, कहा- हमलों में सहयोग बढ़ा रहा नरसंहार
युद्धव‍िराम की मांग वाली बात पर अपनी स्‍थित‍ि स्‍पष्‍ट करने के बाद ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अब पड़ोसी देशों को नसीहत दी है।

नई द‍िल्‍ली, 16 मार्च (आईएएनएस)। युद्धव‍िराम की मांग वाली बात पर अपनी स्‍थित‍ि स्‍पष्‍ट करने के बाद ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अब पड़ोसी देशों को नसीहत दी है।

अराघची ने कहा क‍ि ईरान पर हमले की इजाजत देने वाले पड़ोसी देश नरसंहार को बढ़ावा दे रहे हैं। इस नरसंहार में 200 से ज्‍यादा बच्‍चे शाम‍िल हैं। सैकड़ों नागर‍िक मारे जा चुके हैं।

अराघची ने कहा क‍ि अमेर‍िका को हमलों में सहयोग करने वाले पड़ोसी देशों को इस मामले में जल्‍द से जल्द अपना रुख साफ करना चाह‍िए।

अराघची ने सोशल मीड‍िया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर पोस्‍ट करते हुए कहा, ''इजरायल और अमेरिका की बमबारी में सैकड़ों ईरानी नागरिक मारे गए हैं, जिनमें 200 से ज्यादा बच्चे भी शामिल हैं। रिपोर्ट्स का दावा है कि कुछ पड़ोसी देश, जहां अमेरिकी सेनाएं मौजूद हैं और जो ईरान पर हमलों की इजाजत देते हैं, वे भी इस नरसंहार को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहे हैं। इन देशों को जल्द से जल्द अपना रुख साफ करना चाहिए।''

इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेर‍िकी राष्‍ट्रपत‍ि डोनाल्‍ड ट्रंप के उस दावे को स‍िरे खार‍िज कर द‍िया, ज‍िसमें कहा जा रहा था क‍ि ईरान अमेर‍िका के साथ समझौता करना चाह रहा है।

सोशल मीड‍िया अकाउंट 'एक्स' पर एक पोस्ट में ल‍िखा, ''ऐसे दावों को 'भ्रमपूर्ण' बताया और कहा कि ईरान के सशस्त्र बल तब तक लड़ते रहेंगे जब तक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यह स्वीकार नहीं कर लेते कि वह अमेरिकियों और ईरानियों दोनों पर जो अवैध युद्ध थोप रहे हैं वह गलत है और इसे कभी दोहराया नहीं जाना चाहिए।"

उन्होंने कहा, "जब हम कहते हैं कि हम युद्धविराम नहीं चाहते, तो इसका मतलब यह नहीं है कि हम युद्ध जारी रखना चाहते, बल्कि इसका मतलब यह है कि इस बार युद्ध का अंत इस तरह होना चाहिए कि दुश्मन दोबारा हमले करने के बारे में कभी न सोचें।"

शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, अराघची ने ईरान के विरोधियों पर अपनी पूरी ताकत जुटाकर देश को "बिना शर्त आत्मसमर्पण" के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संघर्ष शुरू होने के दो सप्ताह से अधिक समय बाद ईरान के विरोधी अब उन देशों से मदद मांग रहे हैं जिन्हें वे कभी शत्रु मानते थे और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही सुरक्षित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहायता का आह्वान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईरान केवल दुश्मनों और संघर्ष में शामिल उनके सहयोगियों के लिए ही आवागमन प्रतिबंधित करता है।

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Created On :   16 March 2026 11:24 PM IST

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