जमुई मामले में नाबालिग पीड़िता की पहचान सार्वजनिक करने का आरोप, सीएमओ के स्टेनोग्राफर के खिलाफ शिकायत पत्र

जमुई मामले में नाबालिग पीड़िता की पहचान सार्वजनिक करने का आरोप, सीएमओ के स्टेनोग्राफर के खिलाफ शिकायत पत्र
जमुई में नाबालिग लड़की और उसके साथी के साथ छेड़खानी, अभद्र व्यवहार, धक्का-मुक्की और मारपीट के मामले में पीड़िता तथा उसके परिजनों की तस्वीर सोशल मीडिया पर सार्वजनिक किए जाने को लेकर कार्रवाई की मांग की गई है। इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय के स्टेनोग्राफर सागर प्रसाद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पटना के सचिवालय थाने में आवेदन दिया गया है।

पटना, 25 सितंबर (आईएएनएस)। जमुई में नाबालिग लड़की और उसके साथी के साथ छेड़खानी, अभद्र व्यवहार, धक्का-मुक्की और मारपीट के मामले में पीड़िता तथा उसके परिजनों की तस्वीर सोशल मीडिया पर सार्वजनिक किए जाने को लेकर कार्रवाई की मांग की गई है। इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय के स्टेनोग्राफर सागर प्रसाद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पटना के सचिवालय थाने में आवेदन दिया गया है।

आवेदन सचिवालय थाने में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक अमिता कुमारी की ओर से 25 सितंबर को शिकायत पत्र दिया गया है, जिसमें कहा गया है कि 19 सितंबर को जमुई जिले में एक नाबालिग लड़की और उसके साथी के साथ छेड़छाड़, अभद्र व्यवहार, धक्का-मुक्की और मारपीट की घटना हुई थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जमुई में विधि-सम्मत कार्रवाई की गई।

आवेदन के मुताबिक, 25 सितंबर को सूचना मिली कि इस घटना की पीड़िता और उसके परिजनों की एक तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपलोड की गई है। इसके बाद यह पोस्ट दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी प्रसारित और वायरल हो गई, जिससे मामले से जुड़ी संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक होने की स्थिति पैदा हुई।

आवेदन में कहा गया है कि पोस्ट वायरल होने से नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार की निजता एवं गरिमा प्रभावित होने तथा पीड़िता की पहचान उजागर होने की आशंका पैदा हुई। आवेदन में इसे लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 के उल्लंघन का मामला बताया गया है।

पुलिस अधिकारी की ओर से दिए गए आवेदन में दावा किया गया है कि सत्यापन के दौरान पीड़िता की तस्वीर एक्स पर अपलोड करने का संबंध सीएमओ कार्यालय के स्टेनोग्राफर सागर प्रसाद से पाया गया।

इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए सागर प्रसाद के साथ-साथ संबंधित पोस्ट को आगे प्रसारित या वायरल करने वाले अन्य व्यक्तियों और सोशल मीडिया यूजर्स के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है।

आवेदन में उपलब्ध तथ्यों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता, 2023, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया गया है।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   25 Sept 2026 11:05 PM IST

Tags

Next Story