जन्मदिन विशेष क्रिकेटर के बाद लक्ष्मीपति बालाजी कोच के रूप में बना रहे हैं खास पहचान

जन्मदिन विशेष क्रिकेटर के बाद लक्ष्मीपति बालाजी कोच के रूप में बना रहे हैं खास पहचान
भारतीय क्रिकेट टीम में ऐसे गेंदबाज बहुत कम हुए हैं, जिन्होंने बड़ी लोकप्रियता हासिल की है और क्रिकेट फैंस के दिलों में अपनी खास जगह बनाई है। लक्ष्मीपति बालाजी एक ऐसा ही नाम है। बालाजी का अंतरराष्ट्रीय करियर बेशक छोटा रहा, लेकिन उनकी लोकप्रियता आज भी बरकरार है। क्रिकेट से संन्यास के बाद वह कोचिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं और सफल हो रहे हैं।

नई दिल्ली, 26 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट टीम में ऐसे गेंदबाज बहुत कम हुए हैं, जिन्होंने बड़ी लोकप्रियता हासिल की है और क्रिकेट फैंस के दिलों में अपनी खास जगह बनाई है। लक्ष्मीपति बालाजी एक ऐसा ही नाम है। बालाजी का अंतरराष्ट्रीय करियर बेशक छोटा रहा, लेकिन उनकी लोकप्रियता आज भी बरकरार है। क्रिकेट से संन्यास के बाद वह कोचिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं और सफल हो रहे हैं।

27 सितंबर 1981 को मद्रास (अब चेन्नई), तमिलनाडु में जन्मे लक्ष्मीपति बालाजी दाएं हाथ के मध्यम गति के तेज गेंदबाज रहे हैं। बालाजी की खासियत गेंदबाजी में उनकी विविधता रही है, जिसके दम पर पूरे करियर में उन्होंने बल्लेबाजों को परेशान किया।

बालाजी ने 18 नवंबर 2002 को वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। उनका टेस्ट डेब्यू 2002 में न्यूजीलैंड के खिलाफ और टी20 डेब्यू 2012 में न्यूजीलैंड के खिलाफ हुआ था। बालाजी ने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच अक्टूबर 2012 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला था। यह एक टी20 मुकाबला था।

बालाजी का करियर चोटों से प्रभावित रहा, लेकिन बार-बार दमदार वापसी कर उन्होंने अपनी हिम्मत और क्षमता को साबित किया। 2003-04 में पाकिस्तान के दौरे पर उनकी बेहतरीन गेंदबाजी, निचले क्रम में आकर शोएब अख्तर जैसे तूफानी गेंदबाज को छक्का मारना और चेहरे पर निरंतर मुस्कान ने उन्हें बड़ी पहचान दी।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बालाजी को कम मौके मिले। दाएं हाथ के इस मध्यम गति के तेज गेंदबाज ने 8 टेस्ट में 27, 30 वनडे में 34 और 5 टी20 में 10 विकेट लिए।

तमिलनाडु के लिए खेलते हुए बालाजी का घरेलू क्रिकेट लंबा और सफल रहा। 2001-02 सत्र में घरेलू क्रिकेट में डेब्यू करने वाले बालाजी ने 106 प्रथम श्रेणी मैचों में 330 और 100 लिस्ट ए मैचों में 145 विकेट लिए।

आईपीएल में बालाजी ने 2008 से 2014 के बीच चेन्नई सुपरकिंग्स, कोलकाता नाइटराइडर्स और पंजाब किंग्स का हिस्सा रहते हुए कुल 73 मैच खेले और 76 विकेट लिए। आईपीएल में पहली हैट्रिक लेने का रिकॉर्ड उनके नाम दर्ज है। सीएसके के साथ वह आईपीएल जीत चुके हैं।

लक्ष्मीपति बालाजी ने 2016 में क्रिकेट को अलविदा कह दिया था।

क्रिकेट से संन्यास के बाद बालाजी कोचिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्हें इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2017 के लिए कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) का गेंदबाजी कोच और मेंटर बनाया गया था। 2018 में उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) ने गेंदबाजी कोच के रूप में नियुक्त किया था। 2022 में उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। बालाजी को फिलहाल ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ जारी सीरीज के लिए भारतीय-ए टीम का हेड कोच बनाया गया है। उनकी कोचिंग में इंडिया-ए टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहला अनाधिकारिक टेस्ट जीता है।

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Created On :   26 Sept 2026 3:14 PM IST

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