झारखंड हाईकोर्ट में धनबाद एसएसपी हुए सशरीर हाजिर, अदालत ने पीड़िता का वीडियो वायरल होने पर जताई चिंता

झारखंड हाईकोर्ट में धनबाद एसएसपी हुए सशरीर हाजिर, अदालत ने पीड़िता का वीडियो वायरल होने पर जताई चिंता
झारखंड हाईकोर्ट में एक आपराधिक अपील पर सुनवाई के दौरान सोमवार को धनबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अदालत के आदेश पर सशरीर हाजिर हुए। एसएसपी ने अदालत को बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।

रांची, 11 मई (आईएएनएस)। झारखंड हाईकोर्ट में एक आपराधिक अपील पर सुनवाई के दौरान सोमवार को धनबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अदालत के आदेश पर सशरीर हाजिर हुए। एसएसपी ने अदालत को बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।

जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की बेंच ने एसएसपी का पक्ष सुनने के बाद उन्हें भविष्य में व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट प्रदान कर दी। अगली सुनवाई 11 जून को होगी।

सुनवाई के दौरान अदालत ने एक युवती का वीडियो वायरल होने के मामले पर गहरी चिंता व्यक्त की। कोर्ट के समक्ष यह जानकारी आई कि उक्त वीडियो झारखंड के बजाय दूसरे राज्य गुजरात से वायरल हुआ है। इस पर अदालत ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस को इस वायरल वीडियो को तत्काल डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटाने या डिलीट कराने के लिए प्रभावी प्रयास करने चाहिए थे।

कोर्ट ने धनबाद एसएसपी को निर्देश दिया है कि इस मामले की जांच में तेजी लाएं और अगली सुनवाई के दौरान अदालत में विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करें।

दरअसल यह पूरा मामला रवि साव नामक एक आरोपी से जुड़ा है, जिसे पूर्व में हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी थी। जमानत पर रिहा होने के बाद पीड़िता ने आरोपी की जमानत रद्द करने के लिए याचिका दायर की थी। पीड़िता का आरोप है कि जेल से बाहर आने के बाद आरोपी ने पुनः अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया और उसका वीडियो वायरल कर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। पीड़िता ने इस संबंध में साइबर पुलिस में लिखित शिकायत दी थी।

इससे पूर्व की सुनवाई में अदालत ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई थी कि शिकायत में स्पष्ट रूप से संज्ञेय अपराध का खुलासा होने के बावजूद धनबाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं की। इसी लापरवाही पर जवाब तलब करने के लिए अदालत ने एसएसपी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया था। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान अपीलकर्ता की ओर से अधिवक्ता शैलेश कुमार सिंह ने पक्ष रखा।

--आईएएनएस

एसएनसी/वीसी

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Created On :   11 May 2026 4:55 PM IST

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