केंद्र सरकार की योजना से बदली किसान की तकदीर, मौसंबी की खेती से हो रही अच्छी आमदनी

केंद्र सरकार की योजना से बदली किसान की तकदीर, मौसंबी की खेती से हो रही अच्छी आमदनी
केंद्र सरकार की योजना का लाभ उठाकर जालना जिले के अंतरवाला गांव के किसान संताजी भोईटे ने मौसंबी की खेती शुरू की। योजना के तहत मिली सहायता से तैयार की गई उनकी फलबाग अब उत्पादन देने लगी है और इससे उन्हें अच्छी आमदनी हो रही है। हालांकि, इस वर्ष अत्यधिक बारिश और अज्ञात कीट के प्रकोप के कारण क्षेत्र में फलबागों को नुकसान पहुंचा है, इसके बावजूद संताजी भोईटे ने बारिश से पहले मौसंबी की तुड़ाई कर अपनी उपज की अच्छी कीमत हासिल की।

जालना, 17 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्र सरकार की योजना का लाभ उठाकर जालना जिले के अंतरवाला गांव के किसान संताजी भोईटे ने मौसंबी की खेती शुरू की। योजना के तहत मिली सहायता से तैयार की गई उनकी फलबाग अब उत्पादन देने लगी है और इससे उन्हें अच्छी आमदनी हो रही है। हालांकि, इस वर्ष अत्यधिक बारिश और अज्ञात कीट के प्रकोप के कारण क्षेत्र में फलबागों को नुकसान पहुंचा है, इसके बावजूद संताजी भोईटे ने बारिश से पहले मौसंबी की तुड़ाई कर अपनी उपज की अच्छी कीमत हासिल की।

किसान का कहना है कि सरकार की योजना की मदद के बिना उनके लिए इतने बड़े स्तर पर फलबाग तैयार करना आसान नहीं होता।

संताजी भोईटे को जब योजना के बारे में जानकारी मिली, तो उन्होंने मौसंबी की खेती के लिए जालना के प्रखंड विकास अधिकारी (गट विकास अधिकारी) के पास निर्धारित प्रारूप में आवेदन किया। आवेदन के साथ, उन्होंने ग्रामसेवक के पास योजना के तहत काम की मांग से संबंधित पत्र, ग्राम पंचायत की ग्रामसभा के प्रस्ताव की प्रति, आधार कार्ड, बैंक पासबुक और अन्य जरूरी दस्तावेज जमा किए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद, उन्हें योजना का लाभ मिला और उन्होंने अपने खेत में मौसंबी का फलबाग लगाने का काम शुरू किया।

योजना के माध्यम से संताजी भोईटे ने अपने खेत में 600 मौसंबी के पौधे लगाए। फलबाग तैयार करने के लिए योजना के तहत गड्ढे खोदने से लेकर पौधरोपण, खाद डालने और निराई-गुड़ाई जैसे विभिन्न कार्य किए गए।

उन्हें योजना के तहत 40 रुपए प्रति पौधे की दर से 600 पौधों के लिए अनुदान भी मिला। इससे फलबाग तैयार करने में आने वाला खर्च कम हुआ और अपनी जमीन पर लंबे समय के लिए आय का एक अतिरिक्त साधन विकसित करने में मदद मिली।

संताजी भोईटे ने बताया कि पिछले दो वर्षों में फलबाग से हर साल लगभग 3 टन मौसंबी का उत्पादन हुआ। इससे उन्हें अच्छी आमदनी प्राप्त हुई। इस वर्ष उन्हें लगभग 5 से 6 टन मौसंबी के उत्पादन की उम्मीद थी। हालांकि, अज्ञात कीट के प्रकोप और अत्यधिक बारिश के कारण फलबाग को काफी नुकसान हुआ। इसके बावजूद बारिश से पहले की गई मौसंबी की तुड़ाई से उन्हें अच्छी-खासी आय प्राप्त हुई।

संताजी भोईटे का कहना है कि मौसम और कीटों के कारण नुकसान के बावजूद फलबाग से होने वाली आमदनी उनके लिए काफी फायदेमंद साबित हो रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और किसानों के हितों में चलाई जा रही योजनाओं के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार की योजना के माध्यम से फलबाग तैयार करने में मदद मिली और अब इससे उन्हें नियमित आमदनी प्राप्त हो रही है।

उन्होंने अन्य किसानों से भी ऐसी योजनाओं की जानकारी लेने और पात्रता के अनुसार उनका लाभ उठाने की अपील की। उनके अनुसार, सरकारी सहायता, मेहनत और खेती में सही विकल्प का चयन किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। मौसंबी की खेती लाभदायक साबित हुई है और अन्य किसान भी उपलब्ध सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर अपनी कृषि गतिविधियों को मजबूत कर सकते हैं।

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Created On :   17 Aug 2026 8:14 PM IST

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