किराएदारों का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया तो होगी कार्रवाई, सरगुजा पुलिस ने मकान मालिकों को किया अलर्ट

किराएदारों का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया तो होगी कार्रवाई, सरगुजा पुलिस ने मकान मालिकों को किया अलर्ट
किरायेदारों का पुलिस सत्यापन नहीं कराने वाले मकान मालिकों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरगुजा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मकान मालिकों को अपने घर में रहने वाले प्रत्येक किरायेदार की जानकारी संबंधित थाने में देना अनिवार्य है। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल के निर्देश पर पुलिस विभाग ने आम नागरिकों को किरायेदार सत्यापन के महत्व को लेकर जागरूक करने का अभियान तेज कर दिया है।

अंबिकापुर, 18 जुलाई (आईएएनएस)। किरायेदारों का पुलिस सत्यापन नहीं कराने वाले मकान मालिकों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरगुजा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मकान मालिकों को अपने घर में रहने वाले प्रत्येक किरायेदार की जानकारी संबंधित थाने में देना अनिवार्य है। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल के निर्देश पर पुलिस विभाग ने आम नागरिकों को किरायेदार सत्यापन के महत्व को लेकर जागरूक करने का अभियान तेज कर दिया है।

पुलिस ने बताया कि कई बार अपराधी दूसरे शहरों या राज्यों में वारदात करने के बाद अपनी पहचान छिपाकर किरायेदार के रूप में रहने लगते हैं। कुछ असामाजिक तत्व किराए का मकान लेकर आपराधिक गतिविधियों की योजना बनाते हैं। ऐसी स्थिति में यदि मकान मालिक के पास किरायेदार का फोटो, मोबाइल नंबर और स्थायी पता उपलब्ध नहीं होता है तो पुलिस जांच में परेशानी आती है और अपराधियों तक पहुंचने में देरी हो सकती है।

सरगुजा पुलिस ने बताया कि किरायेदारों का डिजिटल पुलिस सत्यापन अब बेहद आसान हो गया है। नागरिक छत्तीसगढ़ पुलिस के 'समाधान ऐप' या 'नागरिक सेवा पोर्टल' के माध्यम से घर बैठे ऑनलाइन सत्यापन करा सकते हैं। इसके अलावा संबंधित थानों में जाकर ऑफलाइन प्रक्रिया के माध्यम से भी किरायेदार सत्यापन कराया जा सकता है।

डिजिटल सत्यापन के लिए मकान मालिक को अपना पता प्रमाण, स्वामित्व संबंधी दस्तावेज और पहचान पत्र उपलब्ध कराना होगा। वहीं किरायेदार को पहचान प्रमाण, स्थायी पता, पासपोर्ट फोटो, रोजगार संबंधी जानकारी और रेंट एग्रीमेंट देना होगा। ऑनलाइन प्रक्रिया में ऐप या पोर्टल पर पंजीकरण करने के बाद 'सीटीजन सर्विस' में जाकर 'टैलेंट वेरिफिकेशन' विकल्प चुनना होगा। इसके बाद मकान मालिक, किरायेदार और दो स्थानीय गवाहों की जानकारी भरकर जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे।

पुलिस के अनुसार, किरायेदार सत्यापन से असामाजिक तत्वों की पहचान करने में मदद मिलती है। सत्यापन के दौरान किरायेदार का आपराधिक रिकॉर्ड जांचा जाता है और जरूरत पड़ने पर भौतिक सत्यापन भी किया जाता है। आपात स्थिति, विवाद या किसी अपराध की जांच के दौरान किरायेदारों का रिकॉर्ड पुलिस के लिए महत्वपूर्ण साबित होता है।

सरगुजा पुलिस ने बताया कि गांधीनगर थाना क्षेत्र में एक मामले में किरायेदारों का सत्यापन नहीं कराने पर मकान मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की गई है। जांच में सामने आया कि राहुल विश्वकर्मा ने अपने मकान में कुछ लोगों को किराये पर रखा था, लेकिन निर्धारित नियमों के अनुसार इसकी सूचना थाने में नहीं दी गई और किरायेदार सत्यापन भी नहीं कराया गया।

पुलिस के मुताबिक, उक्त किरायेदारों ने 13 मई की रात गांधीनगर थाना क्षेत्र में हथियार के साथ डकैती की गंभीर वारदात को अंजाम दिया था। मामले की जांच के दौरान मकान मालिक द्वारा जिला दंडाधिकारी के आदेश का उल्लंघन पाए जाने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत अपराध दर्ज किया गया और आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

सरगुजा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने मकान में रहने वाले किरायेदारों का अनिवार्य रूप से सत्यापन कराएं।

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Created On :   18 July 2026 9:58 PM IST

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