लगातार इतिहास रचने की चाहत, जोकोविच के जुनून से हैरान विजय अमृतराज

लगातार इतिहास रचने की चाहत, जोकोविच के जुनून से हैरान विजय अमृतराज
विंबलडन 2026 की शुरुआत 29 जून से होगी, जिसमें सर्बियाई खिलाड़ी नोवाक जोकोविच टेनिस इतिहास का एक और पन्ना पलटने की तैयारी कर रहे हैं। भारतीय टेनिस दिग्गज विजय अमृतराज का मानना है कि जोकोविच की सबसे बड़ी ताकत उनके रिकॉर्ड-तोड़ कारनामे नहीं, बल्कि महानता की नई ऊंचाइयों को छूने की कभी न खत्म होने वाली चाहत है।

नई दिल्ली, 27 जून (आईएएनएस)। विंबलडन 2026 की शुरुआत 29 जून से होगी, जिसमें सर्बियाई खिलाड़ी नोवाक जोकोविच टेनिस इतिहास का एक और पन्ना पलटने की तैयारी कर रहे हैं। भारतीय टेनिस दिग्गज विजय अमृतराज का मानना है कि जोकोविच की सबसे बड़ी ताकत उनके रिकॉर्ड-तोड़ कारनामे नहीं, बल्कि महानता की नई ऊंचाइयों को छूने की कभी न खत्म होने वाली चाहत है।

अमृतराज ने जोकोविच के 25वें ग्रैंड स्लैम खिताब की ओर बढ़ने को टूर्नामेंट की सबसे बड़ी कहानी बताया, साथ ही उन्होंने यानिक सिनर और कार्लोस अल्काराज की अगुवाई वाली अगली पीढ़ी पर भी अपनी राय रखी। अमृतराज मानते हैं कि खेल में लगभग सभी बड़े खिताब जीतने के बाद भी जोकोविच की लगातार बनी हुई भूख ही उन्हें सबसे अलग बनाती है।

अमृतराज ने विंबलडन 2026 से पहले जियोस्टार मीडिया डे के दौरान 'आईएएनएस' से ​​कहा, "आप बिल्कुल सही कह रहे हैं, सबसे पहले हमें नोवाक जोकोविच के बारे में बात करनी चाहिए। इतना कुछ जीतने के बाद भी इस खिलाड़ी को हर चीज हासिल करने के लिए क्या चीज प्रेरित करती है? उन्होंने इतिहास में किसी भी अन्य बड़े टूर्नामेंट के मुकाबले सबसे ज्यादा सिंगल्स खिताब जीते हैं। कोई भी उनका रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाएगा, खासकर मेरे जीवनकाल में तो बिल्कुल नहीं। इसलिए मुझे लगता है कि वह 25वें खिताब के लिए सिर्फ अपने जुनून और कड़ी मेहनत करने की इच्छा की वजह से आगे बढ़ रहे हैं।"

पूर्व विंबलडन क्वार्टर-फाइनलिस्ट ने पेरिस में हालिया निराशा के बावजूद वर्ल्ड नंबर 1 यानिक सिनर के एक दमदार खिलाड़ी बने रहने का समर्थन करते हुए कहा कि इस इटैलियन खिलाड़ी ने बार-बार मुश्किलों से उबरने की क्षमता दिखाई है।

हाल ही में पद्म भूषण से सम्मानित अमृतराज ने आगे कहा, "दूसरी बात, जब आप हालात को देखते हैं और समझते हैं कि पेरिस में उनके साथ असल में क्या हुआ था- यानी बहुत ज्यादा गर्मी थी, लेकिन अंत में, उस स्थिति से पांच सेट हारने के बावजूद, जिस तरह से उन्होंने वापसी की, ऐसा उनके साथ ऑस्ट्रेलिया में भी हुआ था जब वे जोकोविच के खिलाफ खेल रहे थे और बाद में मियामी में इंडियन वेल्स जीता था। इसलिए वह लंबे समय तक टिके रहने वाले खिलाड़ी हैं, इसमें कोई शक नहीं। वह असली और बेहतरीन खिलाड़ी हैं, और वह एक बार फिर ग्रैंड स्लैम के लिए विंबलडन जा रहे हैं।"

अमृतराज ने कहा कि पुरुषों का ड्रॉ अभी भी खुला हुआ है। उम्मीद है कि कार्लोस अल्काराज फिर से मुकाबले में लौटेंगे। वहीं, हाल ही में फ्रेंच ओपन चैंपियन बने अलेक्जेंडर ज्वेरेव एक बड़े खिताब का अपना इंतजार खत्म करने के आत्मविश्वास के साथ ऑल इंग्लैंड क्लब पहुंच सकते हैं।

उन्होंने कहा, "निश्चित रूप से, हम सभी अल्काराज की वापसी का इंतजार कर रहे हैं। बेशक, ज्वेरेव जैसे नए और आत्मविश्वास से भरे खिलाड़ी भी होंगे, जिन्होंने फ्रेंच ओपन जीता है। ऐसा खिलाड़ी आज खुद सोचेगा, 'देखो, मुझ पर से बोझ हट गया है। मैंने अपना पहला बड़ा खिताब जीत लिया है, अब मैं आगे बढ़ूंगा। मुझे लगता है कि मैं विंबलडन भी जीत सकता हूं।'"

कोर्ट पर होने वाली प्रतिद्वंद्विता से परे, अमृतराज ने कहा कि विंबलडन दुनिया के खेलों में एक खास जगह रखता है। उन्होंने इसे एक ऐसा इवेंट बताया, जो टेनिस से कहीं आगे है और इसमें खेलने वाले खिलाड़ियों की परवाह किए बिना इसका आकर्षण बेजोड़ बना रहता है।

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Created On :   27 Jun 2026 4:29 PM IST

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