इंफाल कोर्ट ने जब्त संपत्तियों की नीलामी का आदेश दिया, पीड़ित निवेशकों को मिलेगा मुआवजा

इंफाल कोर्ट ने जब्त संपत्तियों की नीलामी का आदेश दिया, पीड़ित निवेशकों को मिलेगा मुआवजा
मणिपुर की राजधानी इंफाल में स्पेशल जज (पीएमएलए) कोर्ट ने लामजिंगबा फाइनेंस ग्रुप ऑफ कंपनीज के धोखाधड़ी मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कंपनी की जब्त संपत्तियों की नीलामी का आदेश दिया है, ताकि धोखा खाए निवेशकों को उनका पैसा वापस मिल सके।

इंफाल, 8 जनवरी (आईएएनएस)। मणिपुर की राजधानी इंफाल में स्पेशल जज (पीएमएलए) कोर्ट ने लामजिंगबा फाइनेंस ग्रुप ऑफ कंपनीज के धोखाधड़ी मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कंपनी की जब्त संपत्तियों की नीलामी का आदेश दिया है, ताकि धोखा खाए निवेशकों को उनका पैसा वापस मिल सके।

यह मामला क्रिमिनल मिसलेनियस केस से जुड़ा है, जिसे वाहेंगबाम प्रताप सिंह और 59 अन्य निवेशकों ने दायर किया था। इन याचिकाकर्ताओं ने कंपनी द्वारा चलाई गई फर्जी निवेश योजना में हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा अटैच की गई संपत्तियों से मुआवजे की मांग की थी। ईडी को इस याचिका में प्रतिवादी बनाया गया है।

इस योजना में कंपनी ने निवेशकों को असंभव रूप से ऊंचे रिटर्न का लालच देकर ठगा था। मुख्य आरोपी सनसम जैकी सिंह, जो लामजिंगबा फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड और अन्य ग्रुप कंपनियों के अध्यक्ष प्रबंध निदेशक हैं, के नेतृत्व में यह धोखाधड़ी चली।

ईडी की जांच से पता चला कि कंपनी ने कई भोले निवेशकों को लाखों-करोड़ों का चूना लगाया। मणिपुर पुलिस की सात एफआईआर के आधार पर ईडी ने पीएमएलए 2002 के तहत जांच शुरू की और करीब 65 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्तियां अटैच कीं। ईडी ने 20 मार्च 2023 को स्पेशल कोर्ट में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दायर की, जिसके बाद 7 जुलाई 2025 को सप्लीमेंट्री शिकायत भी जोड़ी गई। सभी नौ आरोपियों पर 30 मार्च 2024 को आरोप तय हो चुके हैं।

कोर्ट ने 21 मार्च 2025 को पहले आदेश में दावेदारों को समाचार पत्रों में नोटिस प्रकाशित करने का निर्देश दिया था, ताकि अन्य पीड़ित भी दावे पेश कर सकें। धन शोधन निवारण नियम 2016 के अनुसार, दो अखबारों—एक स्थानीय भाषा और एक अंग्रेजी में—में यह प्रकाशन किया गया। इसके बाद करीब 4391 दावेदारों के दावों को रिकॉर्ड में लिया गया।

अब 29 दिसंबर 2025 के ताजा आदेश में कोर्ट ने सनसम जैकी सिंह की गुरुग्राम स्थित होटल और आवासीय फ्लैट जैसी अचल संपत्तियों की नीलामी का निर्देश दिया है। नीलामी से मिली रकम, साथ ही आईसीआईसीआई बैंक खाते में जमा राशि और बरामद नकदी को दावेदारों के बीच उनके नुकसान के अनुपात में बांटा जाएगा। इसके लिए बॉन्ड भी जमा कराना होगा।

कोर्ट ने ईडी को कानून के मुताबिक नीलामी कराने और नुकसान का आकलन करने का आदेश दिया है। नुकसान में निवेश पर मिलने वाला ब्याज भी शामिल होगा। दावों की जांच के लिए एक समिति बनाई जाएगी, जिसमें कोर्ट का अधिकारी, ईडी का प्रतिनिधि, दावेदारों का प्रतिनिधि और अन्य हितधारक शामिल होंगे। यह समिति दावों को सत्यापित करेगी और मुआवजे का वितरण सुनिश्चित करेगी। इस फैसले से हजारों निवेशकों को न्याय की उम्मीद जगी है, जो लंबे समय से अपने पैसे की वापसी का इंतजार कर रहे थे। मामले की आगे की सुनवाई जारी रहेगी, लेकिन यह आदेश धोखाधड़ी के शिकार लोगों के लिए राहत की किरण है।

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Created On :   8 Jan 2026 10:33 PM IST

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