लोकसभा में परीक्षा संशोधन बिल पेश, एनडीए ने विपक्ष पर लगाया गुमराह करने का आरोप
नई दिल्ली, 27 जुलाई (आईएएनएस)। लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल पेश किए जाने के दौरान एनडीए के सांसदों ने विपक्ष पर छात्रों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया है। एनडीए के सांसदों ने इस विधेयक को युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है।
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सरकार सख्त कानून लेकर आई है। मोदी सरकार ने इस दिशा में बड़ा और सकारात्मक कदम उठाया है।
आठवले ने कहा कि पेपर लीक में शामिल कई लोगों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है और सरकार दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि हंगामा करना ही उसका काम बन गया है।
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने विपक्ष के रवैये को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि आज विपक्ष के पास छात्रों के हित में बनाए जा रहे सख्त कानून का समर्थन करने का अवसर था, लेकिन उसने इसका विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के इस रुख से यह सवाल खड़ा होता है कि आखिर पेपर लीक में शामिल लोगों के प्रति उसकी सहानुभूति क्यों दिखाई दे रही है। तिवारी ने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षाएं सुनिश्चित करने के लिए कठोर कानून समय की जरूरत है।
इसी मुद्दे पर भाजपा सांसद कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी ने कहा कि यह विधेयक पूरी तरह छात्रों के हित में है और इसका उद्देश्य युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करना है। इसके बावजूद विपक्ष ने सदन में हंगामा कर चर्चा में बाधा डाली, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
भाजपा सांसद और पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने यह दावा करके गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार किया कि पुलिस ने छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एके-47 का इस्तेमाल किया।
पात्रा ने इसे पूरी तरह झूठा और भ्रामक बताते हुए कहा कि पुलिस ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया। राहुल गांधी झूठी जानकारी फैलाकर लोगों में गुस्सा और अराजकता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। पात्रा ने कहा कि विपक्ष के नेता के पद पर बैठे व्यक्ति को तथ्यों के आधार पर बयान देना चाहिए और इस तरह के दावों के लिए उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए।
जनता दल यूनाइटेड के सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने भी सदन में व्यवस्थित चर्चा की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संसद का उद्देश्य देश के हित में कानून बनाना और सुचारू रूप से काम करना है। सभी दलों को सहयोग की भावना से सदन चलाने में योगदान देना चाहिए ताकि महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हो सके।
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की सांसद शांभवी चौधरी ने कहा कि यह संशोधन विधेयक युवाओं के अधिकारों की रक्षा और उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि एनडीए के सभी सांसद इस विषय पर चर्चा करना चाहते हैं, लेकिन विपक्ष गंभीरता नहीं दिखा रहा है। उनके अनुसार, विपक्ष जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है, जबकि सरकार चाहती है कि इस महत्वपूर्ण विधेयक पर विस्तृत चर्चा हो।
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Created On :   27 July 2026 3:24 PM IST












