AI से ग्रीन एनर्जी तक: L&T की स्किल डेवलपमेंट से भारत के औद्योगिक बदलाव को मिलेगी रफ्तार

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत को वैश्विक विनिर्माण और बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) केंद्र बनाने की दिशा में लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) कौशल विकास को अपनी दीर्घकालिक रणनीति का महत्वपूर्ण आधार बना रही है। कंपनी का मानना है कि आधुनिक तकनीक और बड़े निवेश के साथ-साथ प्रशिक्षित और कुशल मानव संसाधन ही देश की औद्योगिक प्रगति को गति देंगे।
एलएंडटी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एस. एन. सुब्रह्मण्यन के नेतृत्व में कंपनी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल इंजीनियरिंग, रक्षा विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में विस्तार के साथ-साथ इन क्षेत्रों के लिए आवश्यक प्रतिभाओं को तैयार करने पर भी लगातार निवेश कर रही है।
इसी उद्देश्य से कंपनी ने देशभर में निर्माण कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (सीएसटीआई) का नेटवर्क विकसित किया है। इन संस्थानों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के युवाओं को निःशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण में राजमिस्त्री, वेल्डिंग, स्कैफोल्डिंग, बार बेंडिंग, विद्युत कार्य और फॉर्मवर्क बढ़ईगीरी जैसे पारंपरिक निर्माण कौशल के साथ-साथ सोलर पैनल स्थापना, फाइबर ऑप्टिक केबल बिछाना, सीसीटीवी, नेटवर्किंग, मेट्रो संचार और स्मार्ट मीटरिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का भी प्रशिक्षण शामिल है।
कंपनी की वित्त वर्ष 2025-26 की सतत विकास (सस्टेनेबिलिटी) रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष के दौरान 16,685 युवाओं ने सीएसटीआई के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके साथ ही अब तक तीन लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
एलएंडटी केवल कक्षा आधारित प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है। कंपनी प्रशिक्षुओं को इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप और वास्तविक परियोजना स्थलों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराती है, ताकि वे उद्योग की जरूरतों के अनुरूप पहले दिन से ही काम करने के लिए तैयार हों।
तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए एलएंडटी ने मुंबई में कौशल प्रशिक्षक अकादमी (स्किल ट्रेनर्स अकादमी) की स्थापना की है। यहां प्रशिक्षकों को आधुनिक तकनीक, कार्यस्थल सुरक्षा, प्रभावी प्रशिक्षण पद्धतियों, उत्पादकता और संवाद कौशल का प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे भविष्य में अधिक संख्या में युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिल सके।
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भविष्य के इंजीनियरिंग नेतृत्व को तैयार करने के लिए कंपनी स्नातक अभियंता प्रशिक्षु और स्नातकोत्तर अभियंता प्रशिक्षु कार्यक्रम भी संचालित कर रही है। इसके अलावा क्रिएटेक और आउटथिंक जैसी प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभाशाली युवाओं की पहचान कर उन्हें उद्योग के लिए तैयार किया जा रहा है।
एलएंडटी तमिलनाडु में डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और शिपबिल्डिंग क्षेत्रों में 18,600 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश पर भी काम कर रही है, जिससे लगभग 8,200 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है। ऐसे बड़े निवेशों के लिए उच्च कौशल वाले इंजीनियरों और तकनीशियनों की आवश्यकता होगी।
कंपनी का मानना है कि भारत की अगली औद्योगिक छलांग केवल बड़े कारखानों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से नहीं, बल्कि प्रशिक्षित और सक्षम मानव संसाधन से संभव होगी। इसी सोच के साथ एलएंडटी देश की इंजीनियरिंग प्रतिभा को मजबूत बनाने और भविष्य की औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप कुशल कार्यबल तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
Created On :   29 July 2026 1:13 AM IST












