वंदे मातरम पर बोले मौलाना शहाबुद्दीन बरेलवी, आजादी के आंदोलन का गीत था, लेकिन किसी पर थोपा न जाए
बरेली, 24 मई (आईएएनएस)। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम’ का इस्तेमाल आजादी के आंदोलन के दौरान लोगों में जोश, जज्बा और देशभक्ति की भावना जगाने के लिए किया जाता था।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि वंदे मातरम गीत का ऐतिहासिक महत्व है और इसे उसी संदर्भ में समझा जाना चाहिए। लोगों को इसे बोलने के लिए जबरदस्ती नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने मदरसों में ‘वंदे मातरम’ पढ़ाए जाने के मुद्दे पर कहा कि यह किसी पर थोपा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिसे ‘वंदे मातरम’ पढ़ना हो, वह पढ़े और जिसे न पढ़ना हो, उस पर कोई दबाव नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार, धार्मिक और शैक्षणिक संस्थानों में लोगों की भावनाओं और स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि आजादी के आंदोलन में ‘वंदे मातरम’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि स्वतंत्रता सेनानियों के लिए प्रेरणा का स्रोत था। इसने देशवासियों के भीतर राष्ट्रप्रेम और संघर्ष की भावना को मजबूत किया।
बता दें कि उत्तर प्रदेश के मदरसों में भी वंदे मातरम का गान अनिवार्य किए जाने की तैयारी है। इस संबंध में यूपी के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने एक मीडिया इंटरव्यू में बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि विभाग (अल्पसंख्यक कल्याण विभाग) हमारे पास है। यहां भी मदरसों में इस प्रकार की व्यवस्था लागू करेंगे।
उन्होंने कहा कि हम क्यों नहीं करेंगे इस प्रकार की व्यवस्था? ओपी राजभर ने कहा था कि हम मदरसों के बच्चों को बेहतर शिक्षा की तरफ ले जाना चाहते हैं। उनको बेहतर स्वास्थ्य देना चाहते हैं। रोजगार देना चाहते हैं। नौकरी देना चाहते हैं। हम उन्हें अमन, चैन, भाईचारा देना चाहते हैं, इसलिए इसमें क्या बुराई है?
इसके साथ ही मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने बकरीद और कुर्बानी को लेकर फैल रही अफवाहों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि 28 मई को मनाई जाने वाली बकरीद पर कुर्बानी की परंपरा सदियों पुरानी है और यह इस्लामी रिवायत का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग यह गलत जानकारी फैला रहे हैं कि भारत में कुर्बानी पर पाबंदी या सीमाएं लगा दी गई हैं, जबकि ऐसा कोई आधिकारिक आदेश नहीं है।
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Created On :   24 May 2026 9:49 PM IST












