मध्य प्रदेश काली पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचे कांग्रेस विधायक

मध्य प्रदेश  काली पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचे कांग्रेस विधायक
मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन कांग्रेस विधायक दिल्ली में राहुल गांधी के साथ हुए पुलिस बर्ताव और छात्रों पर अत्याचार के विरोध में काली पट्टी बांधकर सदन में पहुंचे। राज्य विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है और बुधवार को इस सत्र का तीसरा दिन है।

भोपाल, 22 जुलाई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन कांग्रेस विधायक दिल्ली में राहुल गांधी के साथ हुए पुलिस बर्ताव और छात्रों पर अत्याचार के विरोध में काली पट्टी बांधकर सदन में पहुंचे। राज्य विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है और बुधवार को इस सत्र का तीसरा दिन है।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक सदन पहुंचे और उन सभी के हाथ में काली पट्टी बंधी हुई थी। कांग्रेस विधायक काली पट्टी बांधकर दिल्ली में राहुल गांधी के साथ हुए पुलिसिया बर्ताव और छात्रों पर हुए अत्याचार का विरोध कर रहे थे।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि दिल्ली में अपने भविष्य की लड़ाई लड़ रहे छात्रों पर लाठीचार्ज हुआ। विधानसभा में इस पर चर्चा की मांग की गई, लेकिन सरकार जवाब देने से बचती रही। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक, भर्ती घोटाले, बेरोजगारी और छात्रों पर अत्याचार, यही भाजपा सरकार की युवा नीति बन गई है। युवा जवाब मांग रहे हैं, सरकार सिर्फ अहंकार दिखा रही है।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर फोटो शेयर करते हुए लिखा, ''आज विधानसभा में युवाओं और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ हुई बर्बरता को लेकर कांग्रेस विधायक दल ने हाथों पर काली पट्टी बांध प्रदर्शन किया और सरकार से जवाब मांगा। देश में अपने अधिकारों के लिए छात्रों ने इतना बड़ा आंदोलन किया, लेकिन भाजपा के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस आंदोलन को अस्थिरता फैलाना बताया और छात्रों को 'कॉकरोच' कहकर उनका अपमान किया।''

उन्होंने आगे कहा कि युवाओं की आवाज सुनने के बजाय उनका मज़ाक उड़ाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। नीट पेपर लीक, भर्ती घोटाले, बेरोजगारी और छात्रों पर अत्याचार क्या यही भाजपा सरकार की युवा नीति है? हमारी मांग स्पष्ट है पेपर लीक पर चुप्पी तोड़िए, दोषियों पर कार्रवाई कीजिए और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद कीजिए। यदि सरकार जवाबदेही तय नहीं कर सकती, तो नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दीजिए।

राज्य के मानसून सत्र के दौरान लगातार कांग्रेस के विधायकों का विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। सत्र के पहले दिन जहां कांग्रेस विधायक किसानों की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना के मुखौटे लगाकर सदन परिसर में पहुंचे थे। वहीं, सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस विधायकों ने कफन ओढ़ कर प्रदर्शन किया।

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Created On :   22 July 2026 1:15 PM IST

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