मणिपुर में बड़ी सफलता, केसीपी के 46 उग्रवादियों ने किया आत्मसमर्पण

मणिपुर में बड़ी सफलता, केसीपी के 46 उग्रवादियों ने किया आत्मसमर्पण
मणिपुर में शांति और स्थिरता बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। यहां प्रतिबंधित संगठन कांगलेइपाक कम्युनिस्ट पार्टी (पीपुल्स वॉर ग्रुप-केसीपी) के 46 सक्रिय उग्रवादियों ने मंगलवार को आत्मसमर्पण कर दिया। मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने उग्रवादियों को मुख्यधारा में स्वागत किया।

नई दिल्ली, 21 जुलाई (आईएएनएस)। मणिपुर में शांति और स्थिरता बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। यहां प्रतिबंधित संगठन कांगलेइपाक कम्युनिस्ट पार्टी (पीपुल्स वॉर ग्रुप-केसीपी) के 46 सक्रिय उग्रवादियों ने मंगलवार को आत्मसमर्पण कर दिया। मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने उग्रवादियों को मुख्यधारा में स्वागत किया।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इम्फाल पूर्व जिले स्थित मण्ट्रीपुखरी गैरीसन में इन लोगों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।

आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों ने 28 अत्याधुनिक हथियार भी सुरक्षा बलों के समक्ष जमा कराए। इनमें एके राइफलें, 303 राइफलें, पिस्तौल, डबल बैरल और सिंगल बैरल बंदूकें, इंसास राइफल, सेल्फ लोडिंग राइफल, कार्बाइन मशीन गन और रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड लांचर शामिल हैं। इसके अलावा बड़ी मात्रा में मैगजीन, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री भी जमा कराई गई।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह आत्मसमर्पण इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इनमें से कोई भी उग्रवादी पहले हुए किसी शांति समझौते का हिस्सा नहीं था। सभी ने स्वेच्छा से हिंसा का रास्ता छोड़कर सामान्य नागरिक जीवन अपनाने का निर्णय लिया है।

कांगलेइपाक कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना 14 अप्रैल 1980 को वाई. इबोहानबी और इबोपिशाक ने की थी। समय के साथ संगठन कई गुटों में बंट गया। इनमें पीपुल्स वॉर ग्रुप सबसे सक्रिय और हिंसक गुटों में शामिल रहा, जिसने इम्फाल पूर्व, इम्फाल पश्चिम और काकचिंग जिलों में लंबे समय तक उग्रवादी और आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया।

सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, पहले इस संगठन के पांच से 12 सदस्यों के छोटे-छोटे समूहों ने आत्मसमर्पण किया था, लेकिन एक साथ 46 सक्रिय उग्रवादियों का हथियार डालना इस गुट के इतिहास की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक है। हालांकि यह कहना जल्दबाजी होगी कि इससे संगठन पूरी तरह समाप्त हो गया है, लेकिन इससे उसकी परिचालन क्षमता, नेटवर्क और क्षेत्रीय प्रभाव को गंभीर झटका लगा है।

यह सफलता असम राइफल्स, मणिपुर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पिछले कई सप्ताह से चलाए जा रहे सतत संपर्क एवं विश्वास बहाली अभियान का परिणाम मानी जा रही है। सरकार के सहयोग से चलाए गए इस प्रयास में उग्रवादियों को हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया गया।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस घटनाक्रम से न केवल मणिपुर में शांति प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी, बल्कि लंबे समय से रुकी विकास परियोजनाओं और बुनियादी ढांचा निर्माण कार्यों को भी गति मिलेगी। सरकार और सुरक्षा बलों ने इसे मणिपुर में स्थायी शांति और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया है।

आत्मसमर्पण समारोह में मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने उग्रवादियों को मुख्यधारा में स्वागत किया। इस अवसर पर राज्य के गृह मंत्री, कला एवं संस्कृति तथा पर्यटन मंत्री समेत राज्य सरकार, सुरक्षा बलों और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के अलावा मुख्य सचिव, मणिपुर सरकार के सुरक्षा सलाहकार, स्पीयर कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग, मणिपुर पुलिस महानिदेशक, असम राइफल्स (दक्षिण) के महानिरीक्षक, गृह आयुक्त, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के उप महानिरीक्षक तथा कई विधायक भी शामिल हुए।

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Created On :   21 July 2026 8:25 PM IST

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