मराठी भाषा विवाद पर नसीम सिद्दीकी ने फडणवीस सरकार के फैसले का किया स्वागत

मराठी भाषा विवाद पर नसीम सिद्दीकी ने फडणवीस सरकार के फैसले का किया स्वागत
मराठी भाषा को लेकर महाराष्ट्र सरकार के फैसले पर एनसीपी (एसपी) के प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने कहा कि यह लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखकर लिया गया अच्छा फैसला है। उन्होंने कहा कि गैर-मराठी लोगों को एक साल का अतिरिक्त समय देना सही कदम है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा नॉर्थ इंडिया से चलती है, महाराष्ट्र से नहीं। कांग्रेस नेता दानिश अली ने आरएसएस चीफ मोहन भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया दी

नई दिल्ली, 30 अगस्त (आईएएनएस)। मराठी भाषा को लेकर महाराष्ट्र सरकार के फैसले पर एनसीपी (एसपी) के प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने कहा कि यह लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखकर लिया गया अच्छा फैसला है। उन्होंने कहा कि गैर-मराठी लोगों को एक साल का अतिरिक्त समय देना सही कदम है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा नॉर्थ इंडिया से चलती है, महाराष्ट्र से नहीं। कांग्रेस नेता दानिश अली ने आरएसएस चीफ मोहन भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया दी

एनसीपी (एसपी) के प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने कहा, "सरकार ने जो फैसला लिया है, वह बहुत अच्छा फैसला है। यह लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखकर लिया गया है। शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित ग्रुप) कुछ हद तक इसका विरोध कर सकती है, लेकिन सीएम देवेंद्र फडणवीस की पार्टी भाजपा है और भाजपा नॉर्थ इंडिया, उत्तर प्रदेश और बिहार से चलती है। भाजपा महाराष्ट्र से नहीं चलती।"

उन्होंने आगे कहा कि इसलिए, उन्होंने जो फैसला लिया है, वह एक राजनीतिक फैसला है। फिर भी, हम इसका स्वागत करते हैं, क्योंकि उन्होंने मुंबई में रहने वाले गैर-मराठी लोगों, जिसमें ड्राइवर और कैब ड्राइवर भी शामिल हैं, को एक साल का एक्स्ट्रा टाइम दिया है। हम पिछले चार-छह इंटरव्यू में यह कह रहे हैं कि कोई भी भाषा 2-4 महीने में नहीं सीखी जा सकती।

एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए नसीम सिद्दीकी ने कहा, "यह आज से नहीं हो रहा है। यह आजादी से पहले भी था और वही परंपरा आज भी जारी है। देश को महात्मा गांधी के नेतृत्व में आजादी मिली, लेकिन छुआछूत से आजादी नहीं मिली।

उन्होंने आगे कहा कि आप इस बात से समझ सकते हैं कि नेहरू का परिवार कश्मीर से आया था और वे शुद्ध ब्राह्मण थे, क्योंकि उनका घर नहर के किनारे था, इसलिए उन्हें नेहरू कहा जाने लगा और ब्राह्मणवाद का इससे बड़ा उदाहरण और कोई नहीं हो सकता।

इसके अलावा, आरएसएस चीफ मोहन भागवत के बयान पर कांग्रेस नेता दानिश अली ने कहा, "आरएसएस कई चेहरों वाला संगठन है।"

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Created On :   30 Aug 2026 11:20 PM IST

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