ममता बनर्जी को जनता पर नहीं, बल्कि घुसपैठियों पर भरोसा है संजय सेठ
रांची, 29 नवंबर (आईएएनएस)। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने शनिवार को टीएमसी द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध करने को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा।
संजय सेठ ने शनिवार को आईएएनएस से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अच्छे से पता है कि उन्होंने राज्य की जनता के लिए कुछ नहीं किया है। इन्होंने सिर्फ सस्ती राजनीति की है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। दुर्भाग्य की बात है कि सीएम ममता बनर्जी को अब आम लोगों पर नहीं, बल्कि घुसपैठियों पर भरोसा है। इन्हें लगता है कि अगर घुसपैठिये रहेंगे, तो इन्हें वोट मिलेगा और इनकी सरकार बनी रहेगी।
उन्होंने कहा कि सीएम ममता बनर्जी के शासनकाल में जिस तरह से महिलाओं का शोषण किया गया, उसे सभी लोगों ने देखा है। राज्य की जनता खुद इस बात की गवाह रही है। ऐसी स्थिति में सीएम ममता बनर्जी को अच्छे से पता है कि आने वाले दिनों में इनका कुछ भी होने वाला नहीं है, क्योंकि सूबे की जनता इन पर बिल्कुल भी भरोसा करने वाली नहीं है, इसलिए अब ये लोग घुसपैठियों के हक में अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। इन्हें इस बात का एहसास काफी अच्छे से हो चुका है कि प्रदेश की जनता इन्हें वोट नहीं देने वाली है। अब ये लोग घुसपैठियों के सहारे ही राजनीतिक फायदा प्राप्त करने की कोशिश करेंगे।
रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता भलीभांति जानती है कि किस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकास से संबंधित काम किए हैं। वे हमेशा से ही विकास को तवज्जो देते आए हैं। यह प्रधानमंत्री मोदी के करिश्माई नेतृत्व का ही नतीजा है कि आज की तारीख में देश के हर व्यक्ति को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल पा रहा है। इन्हीं सब स्थिति को ध्यान में रखते हुए पश्चिम बंगाल की जनता भी चाहती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा काम करने वाला नेता पश्चिम बंगाल में भी आए, जो हमारे हितों को प्राथमिकता दे, हमारे राज्य के विकास के लिए काम करे, और हमारे हितों पर किसी भी प्रकार का कुठाराघात नहीं होने दे। इसी को देखते हुए पश्चिम बंगाल की जनता ममता बनर्जी की विदाई करने का मन बना चुकी है।
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी चाहती हैं कि घुसपैठियों का वोट मिलता रहे, लेकिन देश की जनता ऐसा नहीं होने देगी। आज की तारीख में देश की जनता एसआईआर के पक्ष में है। हर कोई चाहता है कि घुसपैठियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो और उन्हें देश से बाहर किया जाए। आखिर कोई क्यों चाहेगा कि किसी बाहरी देश के व्यक्ति को हमारे देश में रहने का मौका मिले?
उन्होंने कहा कि वैसे भी चुनाव से पहले सभी वैध मतदाताओं को चिह्नित किया जाता है। जो दिवंगत हो जाते हैं या जिनका किसी दूसरे स्थान पर ट्रांसफर हो जाता है, उनका नाम वैध मतदाताओं की सूची से हटा दिया जाता है। इस बार थोड़ा एक कदम आगे बढ़ते हुए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसके तहत भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को चिह्नित किया जा रहा है, ताकि उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाए।
अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|
Created On :   29 Nov 2025 7:31 PM IST












