मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी की कार्रवाई, एसबीआई के पूर्व एजीएम की 3.01 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच

मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी की कार्रवाई, एसबीआई के पूर्व एजीएम की 3.01 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के भोपाल जोनल कार्यालय ने भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के लोकल हेड ऑफिस (एलएचओ) भोपाल के पूर्व सहायक महाप्रबंधक (एजीएम) अनिल कुमार जैन की लगभग 3.01 करोड़ रुपए की चल संपत्ति को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है।

भोपाल, 11 जून (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के भोपाल जोनल कार्यालय ने भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के लोकल हेड ऑफिस (एलएचओ) भोपाल के पूर्व सहायक महाप्रबंधक (एजीएम) अनिल कुमार जैन की लगभग 3.01 करोड़ रुपए की चल संपत्ति को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है।

यह कार्रवाई 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002' के तहत की गई है। ईडी का आरोप है कि यह संपत्ति कथित तौर पर अपराध से अर्जित आय का हिस्सा है और इसे विभिन्न वित्तीय माध्यमों से वैध दिखाने का प्रयास किया गया था।

ईडी ने इस मामले में जांच की शुरुआत सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी), भोपाल द्वारा दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर की थी। सीबीआई ने अनिल कुमार जैन के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) और धारा 13(1)(बी) के तहत मामला दर्ज किया था। आरोप था कि उन्होंने अपनी ज्ञात वैध आय के स्रोतों की तुलना में कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की, जो उनकी आय और संपत्ति के बीच असामान्य अंतर को दर्शाती है।

ईडी की जांच में सामने आया कि 1 अप्रैल 2017 से 31 दिसंबर 2018 के बीच अनिल कुमार जैन ने लगभग 3.01 करोड़ रुपए की संपत्ति एकत्रित की, जो उनकी ज्ञात वैध आय से लगभग 481 प्रतिशत अधिक थी। एजेंसी के अनुसार, यह संपत्ति उनकी घोषित आय और उपलब्ध वित्तीय स्रोतों के अनुपात में अत्यधिक अधिक पाई गई, जिससे आय के स्रोतों को लेकर गंभीर संदेह उत्पन्न हुआ।

जांच के दौरान यह भी पाया गया कि अनिल कुमार जैन ने अचल संपत्ति की बिक्री का हवाला देते हुए अपने और अपने परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में लगभग 2.35 करोड़ रुपए नकद जमा कराए थे। हालांकि, ईडी के अनुसार इन नकद जमाओं के संबंध में कोई विश्वसनीय दस्तावेज, वैध स्रोत या अन्य प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए गए। एजेंसी का कहना है कि यह रकम बाद में विभिन्न फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) में निवेश की गई, जिससे कथित रूप से अपराध से अर्जित धन को सुरक्षित रखने और उसका मूल्य बढ़ाने का प्रयास किया गया।

ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि उक्त नकद जमा राशि के अतिरिक्त लगभग 66 लाख रुपए की फिक्स्ड डिपॉजिट भी बेहिसाब संपत्ति के रूप में पाई गई। एजेंसी के अनुसार, इन जमाओं का कोई संतोषजनक वित्तीय आधार प्रस्तुत नहीं किया जा सका। जांचकर्ताओं का मानना है कि यह संपत्ति कथित रूप से अवैध आय से अर्जित की गई थी और बाद में वित्तीय साधनों के जरिए उसे वैध दिखाने का प्रयास किया गया।

मामले की जांच में एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है। ईडी के अनुसार, अनिल कुमार जैन ने कथित तौर पर हवाला ऑपरेटरों और एक चार्टर्ड अकाउंटेंट की मदद से अपनी अवैध आय को वैध आय के रूप में प्रदर्शित करने की योजना बनाई। जांच में पाया गया कि उन्होंने 'एक्सीलेंट इंफ्राबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड' नामक कंपनी को अचल संपत्ति बेचने का दावा किया था। एजेंसी के अनुसार, यह कंपनी एक कथित शेल कंपनी थी, जिसका कोई वास्तविक व्यावसायिक संचालन नहीं था और जिसका उपयोग केवल वित्तीय लेन-देन को वैध रूप देने के लिए किया गया।

ईडी का आरोप है कि अनिल कुमार जैन ने दावा किया था कि उन्हें संपत्ति बिक्री के बदले कंपनी के निदेशकों से नकद भुगतान प्राप्त हुआ था। इन निदेशकों में अखिलेश चौधरी का नाम भी शामिल है, जिन्हें जांच एजेंसी ने कथित तौर पर डमी डायरेक्टर बताया है। जांच एजेंसी का कहना है कि इन लेन-देन के पीछे वास्तविक आर्थिक गतिविधि के बजाय अवैध धन को वैध स्वरूप देने की कोशिश की गई।

उपलब्ध साक्ष्यों और वित्तीय लेन-देन के विश्लेषण के आधार पर ईडी ने पीएमएलए की धारा 5(1) के तहत लगभग 3.01 करोड़ रुपये मूल्य की फिक्स्ड डिपॉजिट को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है। एजेंसी का कहना है कि यह कदम संपत्तियों को छिपाने, स्थानांतरित करने या अन्य तरीकों से ठिकाने लगाने से रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि भविष्य में संभावित जब्ती की कार्रवाई के लिए अपराध से अर्जित धन को सुरक्षित रखा जा सके।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   11 Jun 2026 9:57 PM IST

Tags

Next Story