आईएईए परमाणु निरीक्षकों को ईरान आने की दी जा सकती है इजाजत राष्ट्रपति पेजेश्कियन

आईएईए परमाणु निरीक्षकों को ईरान आने की दी जा सकती है इजाजत राष्ट्रपति पेजेश्कियन
यूएनजीए मंच से परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर बड़ी वैश्विक एजेंसियों पर पक्षपात का आरोप लगाने वाले ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा है कि वो इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (आईएईए) के निरीक्षकों को ईरान आने की इजाजत देने को तैयार हैं।

वाशिंगटन/तेहरान, 26 सितंबर (आईएएनएस)। यूएनजीए मंच से परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर बड़ी वैश्विक एजेंसियों पर पक्षपात का आरोप लगाने वाले ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा है कि वो इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (आईएईए) के निरीक्षकों को ईरान आने की इजाजत देने को तैयार हैं।

ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिकी मीडिया के साथ साक्षात्कार में ये बात कही। शुक्रवार देर रात इस साक्षात्कार को प्रसारित किया गया। इसमें पेजेश्कियन ने होर्मुज से लेकर, नए सु्प्रीम लीडर अयातुल्ला सैयद मुज्तबा खामेनेई से मुलाकात से जुड़े सवालों का जवाब दिया। शनिवार को इसका ब्योरा ईरानी न्यूज एजेंसी आईआरएनए ने प्रकाशित किया।

"फेस द नेशन" कार्यक्रम के लिए हुए इस साक्षात्कार में, न्यूयॉर्क में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ बैठक की संभावना के बारे में एक सवाल के जवाब में पेजेश्कियन ने माना कि ईरान और अमेरिका के बीच 'अविश्वास का माहौल' बन गया है। उन्होंने कहा, "सबसे पहले, यह स्पष्ट होना चाहिए कि दोनों पक्ष किस बात पर सहमति बनाना चाहते हैं। बातचीत के दौरान अमेरिका ने ईरान पर हमला किया था। इस तरह दोनों देशों के बीच अविश्वास सीधी बैठक में एक बड़ी बाधा है।"

उन्होंने यह भी कहा कि अगर अमेरिका होर्मुज खोलने के ईरान के नवीनतम प्रस्ताव को स्वीकार करता है, तो तेहरान अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करेगा।

ईरान के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों, धमकियों और हमलों और लिखित प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में वाशिंगटन की विफलता का जिक्र करते हुए, पेजेश्कियन ने पूछा कि "क्या दोनों पक्षों के बीच बातचीत शुरू होने पर अमेरिका अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करेगा?"

वहीं, परमाणु हथियार को लेकर पूछे सवाल का भी पेजेश्कियन ने जवाब दिया। उनसे पूछा गया कि क्या ईरान यूएन आईएईए के निरीक्षकों पर पहले लगी पाबंदियों को हटा उन्हें आने की अनुमति देंगे? पेजेश्कियन ने कहा, "अगर वे आना और निरीक्षण करना चाहते हैं, तो ईरान नए डील के तहत इस मुद्दे पर समझौता कर सकता है।"

उन्होंने एक बार फिर धार्मिक कारणों का हवाला देते हुए कहा कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाना चाहता और परमाणु हथियार बनाना "वर्जित" है। भले ही ईरान में कुछ लोग ऐसे हथियार बनाना चाहें, लेकिन उन्हें धार्मिक रूप से इस रास्ते पर चलने की इजाजत नहीं है।

इंटरव्यू के एक और हिस्से में, पेजेश्कियन ने अयातुल्ला सैयद मुज्तबा खामेनेई के साथ अपने संबंधों का जिक्र किया। दावा किया कि उन्हें "स्वास्थ्य संबंधी कोई खास या लगातार समस्या या चुनौती नहीं है।"

राष्ट्रपति ने कहा कि हाल ही में उन्होंने अयातुल्ला सैयद मुज्तबा खामेनेई से दो बार मुलाकात की थी, और इनमें से एक बैठक सात घंटे से ज्यादा लंबी चली थी।

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Created On :   26 Sept 2026 1:33 PM IST

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