उत्तर प्रदेश नंद बाबा दुग्ध मिशन को मिली नई रफ्तार, 449 करोड़ रुपए की कार्ययोजना मंजूर
लखनऊ, 2 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में दुग्ध उत्पादन, पशुपालन आधारित आजीविका और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित नंद बाबा दुग्ध मिशन की राज्य स्तरीय संचालन समिति की छठी बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 449.38 करोड़ रुपए की कार्ययोजना को मंजूरी दी गई।
साथ ही मिशन से जुड़ी प्रमुख योजनाओं के लंबित लक्ष्यों को अगले दो माह में शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना, नंदिनी कृषक समृद्धि योजना, मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना और मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गोबर गैस और सौर ऊर्जा आधारित परियोजनाओं की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इसके अलावा पशुपालकों के लिए हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु हाइड्रोपोनिक फॉडर को व्यवहारिक और टिकाऊ विकल्प के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया।
मुख्य सचिव ने कहा कि पशु मेलों का नियमित आयोजन और लाभार्थियों का प्रशिक्षण मिशन की सफलता की कुंजी है। उन्होंने अधिकारियों को क्षमता विकास कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में स्वीकृत कार्ययोजना के तहत मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के लिए 7,226 लाभार्थियों तथा 57.81 करोड़ रुपये, मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के लिए 1,500 लाभार्थियों एवं 1.65 करोड़ रुपये, नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के लिए 765 इकाइयों तथा 116.95 करोड़ रुपये और मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के लिए 3,461 इकाइयों के साथ 213.64 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अतिरिक्त प्रदेश की अनाच्छादित ग्राम पंचायतों में 1,750 प्रारंभिक दुग्ध सहकारी समितियों के गठन के लिए 39.56 करोड़ रुपये तथा डेयरी क्षेत्र के 11,837 हितधारकों के प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास के लिए 6.58 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
बैठक में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए प्रदेश में कार्यरत आठ मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियों से जुड़ी महिला लाभार्थियों को मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के तहत विशेष प्राथमिकता देने का फैसला किया गया। इससे महिलाओं की आय वृद्धि और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक भागीदारी को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
संचालन व्यवस्था को लेकर यह निर्णय भी लिया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना का क्रियान्वयन प्रदेश के सभी जिलों में दुग्धशाला विकास विभाग के माध्यम से किया जाएगा, जबकि नंदिनी कृषक समृद्धि योजना, मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना और मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना का संचालन पूर्व की भांति पशुपालन विभाग द्वारा किया जाएगा।
बैठक में लिए गए निर्णयों को प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, महिला पशुपालकों को सशक्त बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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Created On :   2 Jun 2026 8:46 PM IST












