नावी पिल्लै को नोबेल शांति पुरस्कार मिलने पर भड़के नेतन्याहू, फैसले को बताया नैतिक दिवालियापन

नावी पिल्लै को नोबेल शांति पुरस्कार मिलने पर भड़के नेतन्याहू, फैसले को बताया नैतिक दिवालियापन
भारतीय मूल की जानी-मानी न्यायविद नवनेथम 'नावी' पिल्लै को 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने के ऐलान के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने नोबेल समिति के फैसले को नैतिक दिवालियापन करार दिया। नेतन्याहू ने पिल्लै पर आईसीसी के पूर्व अभियोजक करीम खान के फर्जी मामलों को वैधता देने और यहूदियों के खिलाफ नफरत का माहौल बनाने का आरोप लगाया।

तेल अवीव, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय मूल की जानी-मानी न्यायविद नवनेथम 'नावी' पिल्लै को 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने के ऐलान के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने नोबेल समिति के फैसले को नैतिक दिवालियापन करार दिया। नेतन्याहू ने पिल्लै पर आईसीसी के पूर्व अभियोजक करीम खान के फर्जी मामलों को वैधता देने और यहूदियों के खिलाफ नफरत का माहौल बनाने का आरोप लगाया।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, "नोबेल पुरस्कार समिति ने अपनी नैतिक समझ खो दी है। उसने अपना सर्वोच्च सम्मान एक ऐसी कट्टरपंथी महिला को दिया है, जिस पर इजराइल के खिलाफ झूठे आरोप और नकारात्मक प्रचार फैलाने के आरोप लगते रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आईसीसी के पूर्व अभियोजक करीम खान पर उनके ही कर्मचारियों ने बलात्कार और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि खान ने इजरायल के खिलाफ मामला तैयार करने में नवी पिल्लै की बातों का सहारा लिया। पिल्ले ने आरोपों को आधार दिया और खान ने उनका इस्तेमाल इजरायल के खिलाफ कार्रवाई के लिए किया।

उन्होंने नोबेल समिति की आलोचना करते हुए कहा कि समिति ने ऐसी महिला को सम्मानित किया है, जिसने उनके अनुसार इजरायल के खिलाफ दुष्प्रचार और अन्यायपूर्ण अभियान को बढ़ावा दिया।

दरअसल, नॉर्वे की नोबेल समिति ने भारतीय मूल की नवनेथम 'नावी' पिल्लै को 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार देने का ऐलान क‍िया। यह पुरस्‍कार उन्‍हें शांति और अंतरराष्ट्रीय कानून को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए द‍िया गया है।

नोबेल पुरस्कार सम‍ित‍ि के अनुसार, साल 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार उस व्यक्ति को दिया जा रहा है, जिसने असाधारण साहस और ईमानदारी के साथ एक ज्‍यादा व्यापक वैश्विक कानूनी व्यवस्था की दिशा में नेतृत्व किया है। इस साल के विजेता ने यह सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई है कि युद्ध अपराधों, मानवता के खिलाफ अपराधों और नरसंहार के मामलों में कानूनी कार्रवाई हो।

सम‍ित‍ि ने बताया क‍ि शांति पुरस्कार पाने वाली नावी पिल्लै ने देशों और राष्ट्रीय नेताओं को जवाबदेह ठहराया है और हिंसा और संघर्ष के पीड़ितों के लिए उम्मीद जगाई है। नावी पिल्लै हमारे समय में अंतरराष्ट्रीय कानूनी सिद्धांतों की महान पैरोकारों में से एक हैं। उनका शानदार करियर हमें कानून के वैश्विक शासन का समर्थन करने, उसे मजबूत करने और उसका विस्तार करने की जरूरत की याद दिलाता है। न्याय और मानवीय गरिमा के प्रति नावी पिल्लै की प्रतिबद्धता उन सभी लोगों के लिए उम्मीद और प्रेरणा का स्रोत है, जो एक अधिक शांतिपूर्ण दुनिया बनाना चाहते हैं।

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Created On :   9 Oct 2026 11:29 PM IST

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