नीट यूजी 2026 तमिलनाडु के वेंकडापति वेलायुथम बने स्टेट टॉपर, बोले-री-एग्जाम के लिए पहले से बेहतर तैयारी की थी

नीट यूजी 2026 तमिलनाडु के वेंकडापति वेलायुथम बने स्टेट टॉपर, बोले-री-एग्जाम के लिए पहले से बेहतर तैयारी की थी
नीट यूजी 2026 के नतीजों में जहां पंजाब के लुधियाना के छात्र आर्यन गुप्ता ने 720 में से 715 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त की, वहीं तमिलनाडु के विल्लुपुरम के रहने वाले वेंकडापति वेलायुथम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य में पहला स्थान और देशभर में ऑल इंडिया रैंक-12 हासिल की है। उनकी इस सफलता से परिवार, शिक्षक और पूरे तमिलनाडु में खुशी का माहौल है।

विल्लुपुरम, 18 जुलाई (आईएएनएस)। नीट यूजी 2026 के नतीजों में जहां पंजाब के लुधियाना के छात्र आर्यन गुप्ता ने 720 में से 715 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त की, वहीं तमिलनाडु के विल्लुपुरम के रहने वाले वेंकडापति वेलायुथम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य में पहला स्थान और देशभर में ऑल इंडिया रैंक-12 हासिल की है। उनकी इस सफलता से परिवार, शिक्षक और पूरे तमिलनाडु में खुशी का माहौल है।

अपनी सफलता पर वेंकडापति वेलायुथम ने आईएएनएस से कहा, "जब मैंने परिणाम देखा तो मैं बेहद खुश था। पिछले दो वर्षों में की गई मेरी कड़ी मेहनत आखिरकार सफल हो गई। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों और दोस्तों का दिल से आभारी हूं, जिन्होंने इस पूरे सफर में मेरा साथ दिया।"

उन्होंने बताया कि इस बार छात्रों को दो बार परीक्षा देनी पड़ी। दूसरा प्रश्नपत्र पहले की तुलना में थोड़ा कठिन था, लेकिन उन्होंने उससे भी उच्च स्तर की तैयारी की थी। इसलिए परीक्षा उनके लिए संभालना आसान रहा और उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ पेपर लिखा।

वेंकडापति के पिता अंजन रामचंद्रन ने बेटे की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा, "हमारी खुशी को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। इस उपलब्धि के लिए हम भगवान और पूरे ब्रह्मांड का धन्यवाद करते हैं। मैं छात्रों और अभिभावकों से यही कहना चाहता हूं कि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती।"

इससे पहले शुक्रवार को ऑल इंडिया रैंक-1 पाने वाले लुधियाना के छात्र आर्यन गुप्ता ने बताया कि परीक्षा प्रक्रिया में बदलाव और दोबारा परीक्षा की घोषणा उनके लिए भी बड़ी चुनौती थी। उन्होंने कहा कि दो साल की तैयारी के बाद जब दोबारा परीक्षा की घोषणा हुई तो शुरुआत में उन्हें झटका लगा, क्योंकि वह पढ़ाई लगभग समाप्त कर चुके थे लेकिन उन्होंने इसे एक नया अवसर माना और पहले से अधिक मेहनत की।

आर्यन ने बताया कि पहली परीक्षा में उनके 696 अंक आए थे, जबकि दोबारा हुई परीक्षा में उन्होंने 715 अंक हासिल किए। उनके मुताबिक, दूसरी परीक्षा पहले से अधिक कठिन थी, लेकिन उन्हें अपनी मेहनत पर पूरा भरोसा था। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय ईश्वर की कृपा, किस्मत और सबसे बढ़कर अपने बड़े भाई आदित्य गुप्ता को दिया। आर्यन ने कहा कि उनके भाई ने पिछले दो वर्षों में उन्हें सही मार्गदर्शन दिया, परीक्षा की रणनीति समझाई और हर कदम पर प्रेरित किया। उनके लिए आदित्य सिर्फ बड़े भाई ही नहीं, बल्कि एक सच्चे रोल मॉडल भी रहे।

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Created On :   18 July 2026 1:51 PM IST

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