एनआईए को बड़ी सफलता 2014 नकली नोट केस में फरार नेपाली नागरिक नूर मोहम्मद समस्तीपुर से गिरफ्तार

एनआईए को बड़ी सफलता  2014 नकली नोट केस में फरार नेपाली नागरिक नूर मोहम्मद समस्तीपुर से गिरफ्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने नकली भारतीय मुद्रा (एफआईसीएन) के एक पुराने मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। एजेंसी ने 2014 के इस केस में फरार चल रहे नेपाली नागरिक नूर मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी नेपाल के बारा जिले का निवासी है और लंबे समय से दुबई में रहने वाले एक पाकिस्तानी नागरिक से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा था।

नई दिल्ली, 1 मार्च (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने नकली भारतीय मुद्रा (एफआईसीएन) के एक पुराने मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। एजेंसी ने 2014 के इस केस में फरार चल रहे नेपाली नागरिक नूर मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी नेपाल के बारा जिले का निवासी है और लंबे समय से दुबई में रहने वाले एक पाकिस्तानी नागरिक से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा था।

नूर मोहम्मद पर गिरफ्तारी के लिए नॉन-बेलेबल वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी था। उसे आज बिहार के समस्तीपुर जिले के शाहपुर पटोरी पुलिस स्टेशन क्षेत्र से पकड़ा गया। यह मामला अप्रैल 2014 का है, जब इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, दिल्ली पर 4,988 हाई-क्वालिटी नकली भारतीय नोट जब्त किए गए थे। इन नोटों की फेस वैल्यू 49,88,000 रुपए थी। ये नोट 17 और 18 अप्रैल 2014 को दुबई से भारत लाए गए थे।

जून 2014 में एनआईए ने इस पर आईपीसी की धाराओं और अनलॉफुल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट (यूएपीए) के तहत आरसी-02/2014/एनआईए/डीएलआई केस दर्ज किया। नवंबर 2017 में पटियाला हाउस कोर्ट, नई दिल्ली में स्पेशल एनआईए कोर्ट में नूर मोहम्मद के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। जांच में पता चला कि नूर मोहम्मद ने सह-आरोपी एकरामुल अंसारी और पाकिस्तानी नागरिक सैयद मुहम्मद शफी उर्फ शफी चाचा सहित अन्य लोगों के साथ मिलकर भारत में हाई-क्वालिटी नकली नोटों की खरीद, परिवहन, सप्लाई और सर्कुलेशन की साजिश रची थी।

देश की मौद्रिक स्थिरता को नुकसान पहुंचाने के मकसद से यह गिरोह काम कर रहा था। नूर मोहम्मद ने को-आरोपियों के बीच मीटिंग्स आयोजित कीं और जब्त किए गए कंसाइनमेंट की डिलीवरी पर नजर रखी। एनआईए की जांच से यह साफ हुआ कि आरोपी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े थे, जिसमें पाकिस्तान और नेपाल के तत्व शामिल थे। ऐसे नेटवर्क अक्सर सीमा पार से नकली नोट भारत में घुसाते हैं, जिससे अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ता है।

यह गिरफ्तारी एनआईए की लगातार चल रही कोशिशों का नतीजा है, जो फेक करेंसी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। एजेंसी ने पिछले वर्षों में कई ऐसे मामलों में पाकिस्तान-नेपाल लिंक्ड सिंडिकेट्स को बेनकाब किया है। नूर मोहम्मद की गिरफ्तारी से जांच को नई दिशा मिलेगी और अन्य फरार आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   1 March 2026 9:42 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story