नोएडा प्राधिकरण निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सख्त, स्टील की जांच तक रुकेगा भुगतान
नोएडा, 6 अगस्त (आईएएनएस)। नोएडा प्राधिकरण ने शहर में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक (सिविल) एसपी सिंह ने गुरुवार को वर्क सर्किल-3 के अंतर्गत विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ वर्क सर्किल-3 के वरिष्ठ प्रबंधक आर.के. शर्मा, टेक्निकल ऑडिट सेल के वरिष्ठ प्रबंधक राजकमल सिंह तथा टीएसी की टीम मौजूद रही।
निरीक्षण के दौरान सेक्टर-51 और सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन के बीच निर्माणाधीन फुटओवर ब्रिज (स्काईवॉक) तथा सेक्टर-50 और सेक्टर-51 के मध्य बनाए जा रहे आरसीसी नाले के निर्माण कार्य का बारीकी से जायजा लिया गया। जांच में पाया गया कि आरसीसी-नाले के निर्माण में यूरोथर्म (राठी स्टील) और सेल की स्टील का उपयोग किया जा रहा है, जबकि स्काईवॉक-परियोजना में केवल सेल की स्टील का इस्तेमाल किया जा रहा है।
निरीक्षण के बाद महाप्रबंधक (सिविल) ने टेक्निकल ऑडिट सेल को निर्देश दिए कि दोनों निर्माण स्थलों से स्टील के नमूने एकत्रित कर उनकी गुणवत्ता की जांच देश की प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थाओं जैसे आईआईटी दिल्ली, आईआईटी रुड़की अथवा श्री राम इंस्टीट्यूट से कराई जाए। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जब तक गुणवत्ता परीक्षण की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हो जाती, तब तक संबंधित ठेकेदारों को इन परियोजनाओं के सापेक्ष किसी प्रकार का भुगतान नहीं किया जाएगा।
प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि जांच रिपोर्ट में प्रयुक्त स्टील निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक और संविदात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, निम्न गुणवत्ता के स्टील के उपयोग की आशंका को गंभीर मानते हुए, संबंधित प्रबंधक से तीन कार्यदिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
इस अवसर पर महाप्रबंधक एसपी सिंह ने वर्क सर्किल-1 से लेकर वर्क सर्किल-5 तक के सभी वरिष्ठ प्रबंधकों को भी निर्देशित किया कि उनके कार्यक्षेत्र में चल रही तथा प्रस्तावित सभी परियोजनाओं में सीमेंट, स्टील, बिटुमिन सहित अन्य निर्माण सामग्रियों का उपयोग केवल निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप ही कराया जाए।
उन्होंने कहा कि निर्माण सामग्री का परीक्षण आईआईटी अथवा श्री राम इंस्टीट्यूट जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं से कराए जाने के बाद ही संबंधित कार्यों का भुगतान किया जाए। नोएडा प्राधिकरण ने यह भी चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि किसी भी निर्माण परियोजना में गुणवत्ता संबंधी लापरवाही या मानकों से समझौता पाया गया तो संबंधित वरिष्ठ प्रबंधक, प्रबंधक और सहायक प्रबंधक की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय करते हुए उनके खिलाफ भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|
Created On :   6 Aug 2026 6:00 PM IST












