ओडिशा सरकार ने भगवान जगन्नाथ की भू-संपत्तियों की सुरक्षा के लिए राज्यव्यापी निर्देश जारी किए

ओडिशा सरकार ने भगवान जगन्नाथ की भू-संपत्तियों की सुरक्षा के लिए राज्यव्यापी निर्देश जारी किए
ओडिशा सरकार ने भगवान श्री जगन्नाथ की भू-संपत्तियों की सुरक्षा, रखरखाव और प्रभावी प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इसके साथ ही राज्य भर के राजस्व अधिकारियों को इनके संरक्षण और उचित कानूनी प्रबंधन के लिए व्यापक निर्देश जारी किए हैं।

भुवनेश्वर, 13 जुलाई (आईएएनएस)। ओडिशा सरकार ने भगवान श्री जगन्नाथ की भू-संपत्तियों की सुरक्षा, रखरखाव और प्रभावी प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इसके साथ ही राज्य भर के राजस्व अधिकारियों को इनके संरक्षण और उचित कानूनी प्रबंधन के लिए व्यापक निर्देश जारी किए हैं।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. अरविंद पाधी ने राजस्व बोर्ड, सभी राजस्व मंडल आयुक्तों (आरडीसी), जिला कलेक्टरों और भूमि अभिलेख एवं सर्वेक्षण निदेशक (डीएलआरएस) को पत्र लिखकर मंदिर की भूमि से संबंधित सभी मामलों पर तत्काल और समयबद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

डॉ. पाधी ने कहा कि ओडिशा की पहचान भगवान श्री जगन्नाथ से अविभाज्य रूप से जुड़ी हुई है और भगवान की संपत्तियों की रक्षा करना राज्य का नैतिक दायित्व है। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) द्वारा जारी कानून, सरकारी निर्देशों और न्यायालय के आदेशों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया।

राजस्व विभाग ने अधिकारियों को खुर्दा, पुरी, जगतसिंहपुर, बालासोर, भद्रक, जाजपुर, गंजाम, कटक और केंद्रपाड़ा जिलों की विभिन्न तहसीलों में एसजेटीए द्वारा दायर 11,675 विविध राजस्व मामलों के निपटारे में तेजी लाने का निर्देश दिया है।

विभाग ने ओडिशा संपदा उन्मूलन अधिनियम की धारा 7(ए) के तहत दायर 257 मामलों में राजस्व बोर्ड के आदेशों को तत्काल लागू करने का भी निर्देश दिया है।

निर्देशों में यह भी अनिवार्य किया गया कि निपटान से पहले और निपटान के अधिकार अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां, साथ ही निपटान-से-वर्तमान अभिलेख सहसंबंध रिपोर्ट, राजस्व बोर्ड के समक्ष मामलों के प्रभावी निपटान को सुविधाजनक बनाने के लिए एसजेटीए को जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाएं।

भगवान जगन्नाथ की भूमि की पहचान, सत्यापन और सुरक्षा के लिए राजस्व निरीक्षकों, अमीनों और अन्य अनुभवी जमीनी स्तर के अधिकारियों को तैनात किया जाएगा। अवैध अतिक्रमण, अनाधिकृत कब्जे, धोखाधड़ी वाले दावों और मंदिर की संपत्तियों पर निजी हित स्थापित करने के प्रयासों को रोकने के लिए नियमित जमीनी निरीक्षण के आदेश भी दिए गए हैं।

राज्य सरकार ने सभी जिला प्रशासनों को यह भी निर्देश दिया है कि वे भगवान श्री जगन्नाथ की भूमि संपत्तियों की सुरक्षा, संरक्षण और विधिवत प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय उपाय करें और अनावश्यक मुकदमेबाजी को कम से कम करें।

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Created On :   13 July 2026 10:28 PM IST

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