'वन नेशन, वन इलेक्शन' देश की जरूरत, डिलिमिटेशन पर सुप्रिया सुले के रुख का स्वागत राम कदम
मुंबई, 16 जुलाई (आईएएनएस) भाजपा विधायक राम कदम ने 'एक देश, एक चुनाव', राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले के परिसीमन (डिलिमिटेशन) पर दिए गए बयान और एनसीपी नेताओं प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात समेत कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी।
राम कदम ने कहा कि 'वन नेशन, वन इलेक्शन' का प्रस्ताव व्यापक अध्ययन के बाद तैयार किया गया है। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में गठित समिति ने देशभर से प्राप्त 21 हजार से अधिक सकारात्मक सुझावों का अध्ययन करने के बाद लगभग 18,616 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है। यदि देश में एक साथ चुनाव कराने की व्यवस्था लागू होती है तो इससे भारत की जीडीपी में लगभग 1.5 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। इससे चुनावों पर होने वाले खर्च में करीब तीन लाख करोड़ रुपए की बचत होगी, जिसका उपयोग देश के विकास कार्यों में किया जा सकेगा। इससे भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में और मजबूती मिलेगी।
राम कदम ने कहा कि अलग-अलग समय पर होने वाले चुनावों के कारण शासन और प्रशासन का बड़ा हिस्सा कई महीनों तक चुनावी प्रक्रिया में व्यस्त रहता है। इस दौरान विकास परियोजनाएं प्रभावित होती हैं और आम जनता को भी विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यदि पूरे देश में एक साथ चुनाव होंगे तो सरकार और प्रशासन दोनों अधिक प्रभावी ढंग से विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। जिस तरह देश में 'एक देश, एक निशान', 'एक देश, एक टैक्स' और 'एक देश, एक राशन कार्ड' जैसी व्यवस्थाएं लागू की गईं, उसी प्रकार वर्तमान समय में 'वन नेशन, वन इलेक्शन' भी देश की आवश्यकता है। यह व्यवस्था पहले की सरकारों को लागू करनी चाहिए थी, लेकिन अब समय की मांग है कि इस कानून को लागू किया जाए।
सांसद सुप्रिया सुले द्वारा परिसीमन के मुद्दे पर सशर्त समर्थन के संकेत दिए जाने पर राम कदम ने उनके रुख का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यदि संसद के आगामी मानसून सत्र में देशहित से जुड़ा कोई विधेयक लाया जाता है और विपक्ष उसका सकारात्मक दृष्टिकोण से समर्थन करता है, तो यह लोकतंत्र के लिए अच्छी बात है। विपक्ष को केवल विरोध के लिए विरोध नहीं करना चाहिए, बल्कि जनहित और राष्ट्रहित के मामलों में सहयोग करना चाहिए।
बातचीत के दौरान भाजपा विधायक ने शरद पवार और अजित पवार गुटों के संभावित राजनीतिक समीकरणों पर टिप्पणी करने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि दोनों दलों को भविष्य में साथ आना है या अलग रहना है, यह उनका आंतरिक और राजनीतिक निर्णय है, जिस पर भाजपा कोई टिप्पणी नहीं करेगी।
एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात को लेकर पूछे गए सवाल पर राम कदम ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस एक ऐसे जननेता हैं, जिनके दरवाजे समाज के हर वर्ग के लोगों के लिए हमेशा खुले रहते हैं। किसान, मजदूर, आम नागरिक, विधायक, सांसद या किसी भी राजनीतिक दल का नेता मुख्यमंत्री से मिल सकता है और यह उसका अधिकार है। देवेंद्र फडणवीस प्रतिदिन लंबे समय तक काम करते हैं और सभी लोगों से मुलाकात करते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी नेता का मुख्यमंत्री से मिलना सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा है और इसे लेकर अनावश्यक अटकलें नहीं लगाई जानी चाहिए। मुख्यमंत्री से मुलाकात को किसी विशेष राजनीतिक संकेत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए राम कदम ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे की कार्यशैली में बड़ा अंतर है। फडणवीस आम जनता और जनप्रतिनिधियों के लिए हमेशा उपलब्ध रहने वाले नेता हैं, जबकि उद्धव ठाकरे पर उन्होंने लोगों से दूरी बनाए रखने का आरोप लगाया।
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Created On :   16 July 2026 6:42 PM IST












