पी. चिदंबरम के बयान पर भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव बोले-कांग्रेस मौकापरस्त राजनीति करती है

पी. चिदंबरम के बयान पर भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव बोले-कांग्रेस मौकापरस्त राजनीति करती है
कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम की ओर से 131वें संविधान संशोधन विधेयक के लिए एनसीपी (एसपी) और डीएमके को लेकर दिए गए बयान पर भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव की प्रतिक्रिया सामने आई है।

रांची, 16 जुलाई (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम की ओर से 131वें संविधान संशोधन विधेयक के लिए एनसीपी (एसपी) और डीएमके को लेकर दिए गए बयान पर भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव की प्रतिक्रिया सामने आई है।

आईएएनएस से बातचीत करते हुए प्रतुल शाहदेव ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर अभी तक घोषणा नहीं की गई है कि वह 131वां संविधान संशोधन लाने का विचार कर रही है। जब इसकी घोषणा कर दी जाए, तब ऐसी बातें करना उचित होगा। चिंदबरम की ओर से सिर्फ अटकलों पर बड़े-बड़े बयान दिए जा रहे हैं, यह कतई उचित नहीं है लेकिन उनको समझना चाहिए कि आज डीएमके से अपेक्षा कर रहे हैं, जिसके साथ उन्होंने चुनाव लड़ा था लेकिन सत्ता में आने के लिए टीवीके की गोद में जाकर बैठ गए।

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में आने के लिए डीएमके को छोड़ दिया। डीएमके ने भी कांग्रेस का साथ छोड़ दिया और कहा कि हम लोकसभा में भी अलग बैठेंगे। इनको कांग्रेस की पुरानी स्थिति को भी देखना चाहिए कि कांग्रेस कितनी मौकापरस्त राजनीति करती है। मौका मिलते ही सत्ता के लोभ में सहयोगियों को छोड़ देती है। जब मौका आता है तो समर्थन की आशा भी करती है। राजनीतिक पार्टियां कांग्रेस के इशारों पर थोड़ी न चलती हैं।

15 जुलाई को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि वह परिसीमन से जुड़े 131वें संविधान संशोधन विधेयक को संसद के आगामी मानसून सत्र में पारित कराने के लिए वह डीएमके और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है। हालांकि डीएमके ने भाजपा को समर्थन देने की संभावना से साफ इनकार कर दिया, जबकि भाजपा ने चिदंबरम के आरोपों को खारिज कर पलटवार किया।

पी. चिदंबरम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा था कि भाजपा आगामी मानसून सत्र में 131वें संविधान संशोधन विधेयक को दोबारा पेश करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक दिखावे के लिए लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देने की बात करता है, लेकिन इसका वास्तविक उद्देश्य परिसीमन और संभावित रूप से निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन का रास्ता साफ करना है।

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Created On :   16 July 2026 3:39 PM IST

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