परभणी मंदिर हादसे से लेकर नीट और राम मंदिर चंदा विवाद तक, सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कई मुद्दे पर की टिप्पणी
लखनऊ, 20 जून (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक रविदास मेहरोत्रा ने शनिवार को कई मुद्दों पर केंद्र और भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने महाराष्ट्र के परभणी मंदिर हादसे, घुसपैठ के मुद्दे, शिवसेना (यूबीटी) की स्थिति, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), नीट पुनर्परीक्षा, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस और अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय और प्रबंधन संबंधी मामलों पर सवाल उठाए।
महाराष्ट्र के परभणी जिले में एक प्राचीन हनुमान मंदिर की छत गिरने की घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मेहरोत्रा ने कहा कि इस हादसे में छह लोगों की मौत हुई है और 30 से 40 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर प्रबंधन लंबे समय से जर्जर हो चुकी संरचना की मरम्मत और पुनर्निर्माण की मांग कर रहा था, लेकिन राज्य सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उनके अनुसार, समय पर मरम्मत न होने के कारण मंदिर की छत गिर गई और यह दुखद हादसा हुआ। इस घटना के लिए महाराष्ट्र की भाजपा-समर्थित सरकार पूरी तरह जिम्मेदार है और हादसे की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
देश में कथित घुसपैठियों के प्रवेश के मुद्दे पर सपा विधायक ने केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि अवैध घुसपैठ हो रही है तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक का संकेत है। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है और यदि घुसपैठिए देश में प्रवेश कर रहे हैं तो इसके लिए गृह मंत्रालय जवाबदेह है। मेहरोत्रा ने इसे सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी विफलता बताया।
महाराष्ट्र की राजनीति और शिवसेना (यूबीटी) की स्थिति पर मेहरोत्रा ने आरोप लगाया कि भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर विपक्षी दलों को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और आयकर विभाग जैसी एजेंसियों का भय दिखाकर विपक्षी नेताओं और दलों पर दबाव बनाने का काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि इसी रणनीति के तहत शिवसेना को भी कमजोर करने का प्रयास किया गया। जनता के बीच शिवसेना की पकड़ अभी भी मजबूत है और भविष्य में यदि चुनाव होते हैं तो पार्टी फिर से मजबूती के साथ उभर सकती है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक प्रवृत्ति बताया।
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भी सपा विधायक ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर लागू होने के बाद बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उनका कहना था कि उत्तर प्रदेश में भी करोड़ों मतदाताओं के नाम सूची से काटे जाने की शिकायतें सामने आई हैं। मेहरोत्रा ने कहा कि चुनाव आयोग का दायित्व यह सुनिश्चित करना है कि किसी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से न हटे और सभी नागरिकों को मतदान का अधिकार प्राप्त हो। लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में बना रहे।
नीट पुनर्परीक्षा की तैयारियों को लेकर भी रविदास मेहरोत्रा ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने नागपुर के एक छात्र का उदाहरण देते हुए कहा कि उसका परीक्षा केंद्र कथित रूप से अबू धाबी आवंटित कर दिया गया था, जिसे बाद में बदलकर नागपुर किया गया। उन्होंने कहा कि यदि किसी छात्र के पास विदेश जाने के लिए पासपोर्ट या आर्थिक संसाधन नहीं हैं और फिर भी उसका परीक्षा केंद्र विदेश में निर्धारित कर दिया जाता है, तो यह परीक्षा व्यवस्था में गंभीर खामी को दर्शाता है। पेपर लीक और परीक्षा निरस्त होने जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, इसलिए सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस बार परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और त्रुटिरहित तरीके से आयोजित हो।
21 जून को मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को लेकर भी सपा विधायक ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत में योग की परंपरा सदियों पुरानी है और लोग लंबे समय से योग के माध्यम से स्वस्थ जीवन जीते आए हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भी योग करते हैं और साइकिल चलाना भी स्वास्थ्य की दृष्टि से एक प्रकार का योग है। साथ ही, उन्होंने भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे योग को केवल प्रचार और फोटो अवसर के रूप में इस्तेमाल करते हैं। योग को राजनीतिक कार्यक्रम बनाने के बजाय लोगों के स्वास्थ्य से जोड़कर देखा जाना चाहिए।
राम मंदिर में दान और निर्माण कार्यों से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर मेहरोत्रा ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि मंदिर निर्माण और दान में मिली वस्तुओं के उपयोग को लेकर पारदर्शिता की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर को दान में मिली सोने-चांदी की वस्तुओं और अन्य बहुमूल्य सामग्रियों के संबंध में सवाल उठ रहे हैं और इन मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर निर्माण और मूर्ति चयन प्रक्रिया से जुड़े निर्णयों पर भी पारदर्शिता बनाए रखी जानी चाहिए।
सपा विधायक ने आगे कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए उससे जुड़े सभी वित्तीय और प्रशासनिक मामलों की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे।
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Created On :   21 Jun 2026 12:11 AM IST












