प्रदीप रावत के बेटे विक्रमादित्य ने खोले पिता की जिंदगी के अनसुने राज, कहा-'वह कभी अभिनेता नहीं बनना चाहते थे'

प्रदीप रावत के बेटे विक्रमादित्य ने खोले पिता की जिंदगी के अनसुने राज, कहा-वह कभी अभिनेता नहीं बनना चाहते थे
अभिनेता प्रदीप रावत ने हिंदी सिनेमा के साथ-साथ दक्षिण भारतीय फिल्मों और टीवी की दुनिया में अलग पहचान बनाई और कई किरदारों को यादगार बना दिया। 'महाभारत' में अश्वत्थामा और 'गजनी' में अपने खतरनाक किरदार के लिए मशहूर प्रदीप रावत अब इस दुनिया में नहीं हैं। 5 अगस्त 2026 को 74 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। उनके जाने के बाद अब उनके बेटे विक्रमादित्य रावत ने अपने पिता की जिंदगी, उनके सपनों और उनसे मिली सीख को लेकर कई ऐसी बातें बताईं, जिनके बारे में कम लोग जानते थे।

मुंबई, 10 अगस्त (आईएएनएस)। अभिनेता प्रदीप रावत ने हिंदी सिनेमा के साथ-साथ दक्षिण भारतीय फिल्मों और टीवी की दुनिया में अलग पहचान बनाई और कई किरदारों को यादगार बना दिया। 'महाभारत' में अश्वत्थामा और 'गजनी' में अपने खतरनाक किरदार के लिए मशहूर प्रदीप रावत अब इस दुनिया में नहीं हैं। 5 अगस्त 2026 को 74 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। उनके जाने के बाद अब उनके बेटे विक्रमादित्य रावत ने अपने पिता की जिंदगी, उनके सपनों और उनसे मिली सीख को लेकर कई ऐसी बातें बताईं, जिनके बारे में कम लोग जानते थे।

आईएएनएस से खास बातचीत में विक्रमादित्य ने कहा, ''मेरे पिता का पहला सपना अभिनेता बनना नहीं था। वह असल में सेना में जाना चाहते थे। दादाजी जी भी सैनिक थे। इसी वजह से उनके मन में भी बचपन से सेना में जाने की इच्छा थी। हालांकि, वह अपना यह सपना पूरा नहीं कर सके और बाद में किस्मत उन्हें अभिनय की दुनिया में ले आई।''

विक्रमादित्य ने बताया, ''मेरे पिता बेहद आत्मनिर्भर स्वभाव के इंसान थे। वह किसी के सामने मदद के लिए हाथ फैलाने में विश्वास नहीं रखते थे। अगर उनके पास जेब में सिर्फ 10 रुपए होते और खाने के लिए 20 रुपए की जरूरत होती, तब भी वह किसी से 10 रुपए मांगना पसंद नहीं करते थे। उनके लिए खुद पर भरोसा रखना और अपनी मेहनत से आगे बढ़ना बहुत जरूरी था।''

विक्रमादित्य ने कहा, ''पिता से मुझे जिंदगी की सबसे बड़ी सीख यही मिली कि इंसान को मेहनत करते रहना चाहिए, भगवान पर भरोसा रखना चाहिए और बाकी चीजों को किस्मत पर छोड़ देना चाहिए। उनका मानना था कि हर चीज इंसान के हाथ में नहीं होती। व्यक्ति अपना काम ईमानदारी और पूरी मेहनत से करे, उसके बाद जो नतीजा मिले, उसे स्वीकार करना चाहिए। उनकी यही सोच उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी खासियत थी।''

उन्होंने बताया, ''पिता की एक बड़ी इच्छा थी कि वह मुझको एक स्टार के रूप में देखें। मेरे पिता चाहते थे कि मैं भी फिल्मी दुनिया में अपनी पहचान बनाऊं और एक बड़ा नाम बनूं। अब मैं उनके इस सपने को पूरा करूंगा।''

प्रदीप रावत के फिल्मी करियर की बात करें तो उन्होंने कई फिल्मों और टीवी प्रोजेक्ट्स में काम किया। बी.आर. चोपड़ा की 'महाभारत' में अश्वत्थामा के किरदार ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। इसके बाद फिल्मों में भी उन्होंने कई दमदार भूमिकाएं निभाईं। आमिर खान की फिल्म 'गजनी' में उनका किरदार दर्शकों के बीच खास तौर पर चर्चित हुआ।

प्रदीप रावत का 5 अगस्त को निधन हुआ। वह कैंसर का इलाज करा रहे थे और बताया जा रहा है कि निधन से कुछ हफ्ते पहले उनकी बीमारी फिर बढ़ गई थी। उनके निधन की खबर के बाद फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

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Created On :   10 Aug 2026 4:08 PM IST

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