पंजाब में निकाय चुनाव पर घमासान, भाजपा ने राज्यपाल से की निष्पक्ष जांच की मांग

पंजाब में निकाय चुनाव पर घमासान, भाजपा ने राज्यपाल से की निष्पक्ष जांच की मांग
भाजपा ने शनिवार को राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने स्थानीय निकाय चुनावों और इसके बाद नगर निगमों व नगर परिषदों के मेयर और अध्यक्ष पद के चुनावों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर किया। भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया गया। भाजपा ने इस मामले में राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की।

चंडीगढ़, 11 जुलाई (आईएएनएस)। भाजपा ने शनिवार को राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने स्थानीय निकाय चुनावों और इसके बाद नगर निगमों व नगर परिषदों के मेयर और अध्यक्ष पद के चुनावों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर किया। भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया गया। भाजपा ने इस मामले में राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की।

भाजपा ने कहा कि पंजाब में हाल ही में हुए नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के चुनावों के दौरान लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हुए अभूतपूर्व हमले के संबंध में इस ज्ञापन को प्रस्तुत किया जा रहा है। इस चुनाव को आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की ओर से सरकारी मशीनरी के व्यापक दुरुपयोग, राजनीतिक डराने-धमकाने, प्रशासनिक हस्तक्षेप और हर स्तर पर हेरफेर से प्रभावित किया गया।

भाजपा की ओर से आरोप लगाया गया कि संविधान के भाग 9-ए में निहित संवैधानिक प्रावधान को सत्ताधारी पार्टी के इशारे पर काम कर रहे राज्य प्रशासन के मनमाने और पक्षपाती आचरण ने अर्थहीन बना दिया। गैरकानूनी गतिविधियों का यह सिलसिला मतदान से काफी पहले शुरू हुआ और परिणाम घोषित होने के बाद भी जारी रहा।

भाजपा की ओर से कहा गया कि मेयर चुनने के लिए जरूरी संख्या बल न होने के बावजूद आम आदमी पार्टी ने प्रशासनिक मशीनरी का गलत इस्तेमाल किया और लोकतांत्रिक जनादेश की पूरी तरह अनदेखी करते हुए आधिकारिक प्रक्रिया को प्रभावित कर पद हासिल कर लिया। भाजपा ने ज्ञापन में कहा कि इन चुनावों में सरकारी कर्मचारियों का व्यवहार राजनीतिक निष्पक्षता, संवैधानिक मर्यादा और कानूनी दायित्वों के पालन को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करता है।

भाजपा की ओर से राज्यपाल से अपील की गई कि स्थानीय निकायों के चुनावों और उसके बाद मेयर और अध्यक्ष के पदों के लिए हुए चुनावों के दौरान हुए गंभीर उल्लंघनों का संवैधानिक संज्ञान लिया जाए। इसके साथ ही इन चुनावों को कराने वाले अधिकारियों की भूमिका की राज्य सरकार से स्वतंत्र किसी प्राधिकरण की ओर से स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच का निर्देश दिया जाए।

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Created On :   11 July 2026 12:49 PM IST

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